Sambal Yojana Scam: भिंड नगर पालिका (Bhind Nagar Palika) में संबल योजना (Sambal Yojana Scam) के तहत करोड़ों रुपये के बड़े फर्जीवाड़े (Fraud) का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. कोतवाली थाना (Kotwali Thana Police) पुलिस ने इस बहुचर्चित घोटाले के मास्टरमाइंड अधिकारी राजेन्द्र सिंह चौहान के दो दलाल प्रदीप और अरविंद सिंह को गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपियों पर संबल योजना के दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ी कर नगर पालिका के कुछ कर्मचारियों के साथ मिलकर अपने परिजनों और रिश्तेदारों के बैंक खातों में करीब 72 लाख रुपये ट्रांसफर कराने का आरोप है.
दो प्लॉटों की रजिस्ट्रीपुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि घोटाले की इस राशि का आपस में बंटवारा कर आरोपियों ने जामना और अंबेडकर नगर क्षेत्र में दो प्लॉटों की रजिस्ट्री कराई थी. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों प्लॉटों की रजिस्ट्री जब्त कर ली है. गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाई जा सके.
करीब 3.40 करोड़ रुपये का बताया जा रहा घोटाला
पुलिस के अनुसार मास्टरमाइंड अधिकारी राजेन्द्र सिंह चौहान के साथ मिलकर लगभग 3 करोड़ 40 लाख रुपये का घोटाला किया गया है. एक महीने पहले मास्टरमाइंड राजेन्द्र सिंह चौहान को विदिशा में क्रिकेट खेलते समय गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में उसने अपने दो दलालों प्रदीप और अरविंद सिंह के नाम उजागर किए थे, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई. इससे पहले संबल योजना और भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में करीब 3 करोड़ 4 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आ चुका है.
योजना के लाभ में की गई हेराफेरी
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2018 में भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और संबल योजना के तहत दुर्घटना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये, सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रुपये और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 1 लाख रुपये की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है. आरोपियों ने इसी योजना का दुरुपयोग करते हुए भिंड नगर पालिका में पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते बदलकर अपात्र लोगों के खातों में राशि ट्रांसफर कर दी. अब तक की जांच में 152 मामलों में से केवल 7 हितग्राहियों के दस्तावेजों में गड़बड़ी की पुष्टि हुई है, जबकि शेष मामलों की जांच जारी है.
कई अधिकारियों पर दर्ज है मामला
वर्तमान सीएमओ यशवंत वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज की थी. इसमें तत्कालीन सीएमओ वीरेंद्र तिवारी, तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र शर्मा, सहायक ग्रेड-3 एवं मास्टरमाइंड राजेन्द्र सिंह चौहान, एआरआई राधेश्याम राजौरिया, तथा दोनों सेवानिवृत्त एआरआई शिवनाथ सिंह सेंगर और अशोक जाटव को आरोपी बनाया गया है.
आरोपी तत्कालीन सीएमओ सुरेंद्र शर्मा राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस की पकड़ से दूर है. जो पुलिस की नजर के सामने भिंड के गोहद नगर पालिका में सीएमओ पद पर बने है. साथ ही डेली ड्यूटी कर सरकारी फाइलों पर साइन भी कर रहे है. पुलिस अब तक सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी है, जिससे जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
जांच जारी और खुलासों की संभावना
कोतवाली थाना पुलिस का कहना है कि मामले की जांच लगातार जारी है. कुछ और लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में संबल योजना घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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