Son Killed Father: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर (Surajpur) में पिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश सिंह चौहान की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य, गवाहों के बयान और तथ्यों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया. साथ ही आरोपी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है. ये मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम खोरमा के कोसमपारा का है. यहां रहने वाले 19 वर्षीय नटू लोहार ने आवेश में आकर अपने पिता मिट्टू लोहार पर लोहे के हथौड़े से हमला कर दिया था.गंभीर रूप से घायल पिता को पहले प्रतापपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर रेफर किया गया. स्थिति में सुधार न होने पर उन्हें रायपुर भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान 6 नवंबर 2023 को उनकी मृत्यु हो गई.
पुलिस ने दर्ज किया था 307 का मामला
घटना की सूचना तत्कालीन सरपंच जालिम साय द्वारा पुलिस को दी गई थी. प्रारंभ में पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत अपराध दर्ज किया था, लेकिन घायल की मौत के बाद प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी गई. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके आधार पर घटना में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद किया गया. इसके बाद आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया.
अभियोजन के अनुसार घटना घरेलू विवाद से जुड़ी थी. मृतक की पत्नी मंजू ने बयान में बताया कि आरोपी ने अपनी बहन के कपड़े और बैग जला दिए थे. इसी बात को लेकर पिता ने उसे डांटा और डंडे से मारा. इससे आक्रोशित होकर आरोपी ने पास में रखे लोहे के हथौड़े से पिता के सिर पर वार कर दिया.
कोर्ट ने क्या कहा?
फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने कहा कि आरोपी को यह भली-भांति ज्ञात था कि सिर जैसे संवेदनशील अंग पर हथौड़े से वार करने से मृत्यु हो सकती है. इसके बावजूद उसने हमला किया, जिससे हत्या का अपराध सिद्ध होता है. अदालत ने इस अपराध को गंभीर मानते हुए किसी भी प्रकार की रियायत देने से इनकार कर दिया और आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
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