Chhattisgarh Budget 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो चुका है. सत्र के दूसरे दिन 24 फरवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश करेंगे. यह विष्णु देव साय सरकार के मौजूदा कार्यकाल का तीसरा बजट होगा. राजनीतिक हलकों में इस बजट को अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने विकास एजेंडे और चुनावी वादों की दिशा में प्रगति का लेखा-जोखा पेश करेगी. उधर, कांग्रेस ने बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जिससे बजट सत्र हंगामेदार रह सकता है.
कांग्रेस ने बनाई सरकार को घेरने की रणनीति
बजट सत्र के पहले दिन सोमवार को रायपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई. बैठक में विपक्षी विधायकों ने सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति को अंतिम रूप दिया. संकेत हैं कि इस बार विधानसभा में तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बन सकती है. कांग्रेस बजट सत्र में भाजपा सरकार को किसान, कानून-व्यवस्था, एसआईआर, धान खरीदी, बिजली की दरें और सड़कों के मुद्दों पर घेर सकती है.

Chhattisgarh Budget 2026 : बजट से पहले सियासी घमासान! कांग्रेस की रणनीति तैयार. विधायल दल की बैठक.
कांग्रेस ने जिन प्रमुख मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला किया है. इन मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है.
- प्रदेश के किसानों से वादाखिलाफी
- प्रदेश में कथित प्रशासनिक आतंकवाद
- कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति
- SIR के तहत मतदाता सूची से नामों की कटौती
- धान खरीदी केंद्रों में बोरा भराई और तौल के नाम पर अवैध वसूली
- सड़कों के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार
- खतरनाक अपशिष्ट उत्सर्जन करने वाले उद्योगों द्वारा NGT गाइडलाइन का उल्लंघन
- बिजली बिल की दरों में वृद्धि
- अधिसूचित क्षेत्रों में पेसा कानून के उल्लंघन के आरोप
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में क्या सामने आया?
सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया गया. सर्वेक्षण के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्रदेश का GSDP प्रचलित भावों पर बढ़कर ₹6,31,291 करोड़ अनुमानित है. वृद्धि दर 11.57% रहने का अनुमान है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक बताई गई है.
क्षेत्रवार अनुमानित वृद्धि दर
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र: 12.53%
- उद्योग क्षेत्र: 10.26%
- सेवा क्षेत्र: 13.15%
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग क्षेत्र का योगदान लगभग 49% है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है. कृषि क्षेत्र में दर्ज मजबूत वृद्धि दर को किसान-हितैषी नीतियों और किसानों की मेहनत का परिणाम बताया गया है.
क्या रहेगा बजट सत्र का राजनीतिक तापमान?
एक ओर सरकार आर्थिक मजबूती और विकास दर के आंकड़ों के साथ अपनी उपलब्धियां गिनाने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर कांग्रेस किसानों, कानून-व्यवस्था, धान खरीदी और बिजली दरों जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने के मूड में है. ऐसे में छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र राजनीतिक रूप से काफी गर्म रहने के संकेत दे रहा है.