सतना जिले के उचेहरा में करीब चार साल पहले हुए जघन्य और सनसनीखेज मामले में कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. सदाशिव दॉगोडे विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) द्वितीय अपर सत्र न्यायालय उचेहरा ने अभिषेक ताम्रकार (37), निवासी वार्ड क्रमांक 5 उचेहरा, को धारा 376(3) भादसं के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. साथ ही दोषी पर 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 342 भादवि के तहत एक वर्ष के सश्रम कारावास और 1 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है. दोषी पाए गए युवक ने नाबालिग को गोदाम में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया था. मामले में राज्य की ओर से विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो एक्ट)/एडीपीओ विनोद प्रताप सिंह ने प्रभावी पैरवी की.
मीडिया प्रवक्ता संदीप कुमार के अनुसार, घटना 13 फरवरी 2022 की शाम लगभग 5 बजे की है. पीड़िता जो उस समय कक्षा 9 की छात्रा थी, घर से बिस्किट लेने मेन रोड स्थित दुकान गई थी. वापसी के दौरान लगभग 5:15 बजे अभिषेक ताम्रकार (37) ने उसे अपने किराए के गोदाम के सामने रोका और जबरन अंदर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया और गोदाम में बंद कर फरार हो गया.
पीड़िता ने गोदाम की सीढ़ियों से छत पर पहुंचकर शोर मचाया, इसके बाद उसकी मां ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और गोदाम का दरवाजा खुलवाकर पीड़िता को बाहर निकाला. प्रारंभिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उचेहरा ले जाया गया, जहां महिला चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण जिला अस्पताल सतना रेफर किया गया.
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23 गवाहों के हुए बयान
प्रकरण में थाना उचेहरा में अपराध क्रमांक 131/22 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई. अनुसंधान के दौरान साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में प्रस्तुत किए गए. अभियोजन पक्ष ने 23 साक्षियों का परीक्षण कराया. करीब चार साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई.