मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो युवक एक अलग ही अंदाज में प्रदर्शन करते हुए पहुंचे. दोनों युवक अपने हाथों में माला और कफन लेकर झांझ बजाते हुए अपनी मां के साथ जनसुनवाई में आए थे.
सरकारी पट्टे की मांग, एक साल से भटकने का आरोप
युवकों की मांग है कि उन्हें सरकारी गुहा (पट्टा) दिया जाए, लेकिन पिछले एक साल से लगातार शिकायत करने के बावजूद अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. इसी नाराजगी के चलते वे अर्धनंग अवस्था में जनसुनवाई में पहुंचे.
जनसुनवाई से पहले रोका गया, तहसीलदार ने सुनी बात
हालांकि जनसुनवाई स्थल के बाहर ही तहसीलदार सरिता मालवीय ने उन्हें रोक लिया और उनकी समस्या को सुना. बात सुनने के बाद तहसीलदार ने दोनों युवकों को कपड़े पहनने के लिए समझाया और इसके बाद उन्हें अपर कलेक्टर (एडीएम) से भी मिलवाया गया.
PM आवास से रास्ता और पानी की निकासी बंद होने का आरोप
जानकारी के अनुसार, राजकुमार सराठे सिवनी मालवा के जीरावेह गांव के निवासी हैं. उनका आरोप है कि उनके खेत से लगी सरकारी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बना दिए गए हैं, जिससे उनके खेत का रास्ता और पानी की निकासी पूरी तरह बंद हो गई है. वे कई बार इस मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ. फिलहाल यह मामला अपर कलेक्टर न्यायालय में भी विचाराधीन है.
मां की पीड़ा, रोते हुए कही ये बात
राजकुमार की मां ने रोते हुए कहा कि हम बहुत परेशान हैं. कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, इसलिए मजबूरी में इस तरह जनसुनवाई में आना पड़ा. इस पूरे मामले में तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया कि दो युवक अर्धनंग हालत में जनसुनवाई में पहुंचे थे. उन्हें समझाइश दी गई और कपड़े पहनने को कहा गया. इसके बाद उन्हें एडीएम से मिलवाया गया है और उनकी समस्या के निराकरण की प्रक्रिया चल रही है.