मध्यप्रदेश शासन की विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा, भारिया और सहरिया की मुखिया महिलाओं को आहार अनुदान योजना के तहत ₹1500 प्रति माह की राशि देने की योजना मध्यप्रदेश शासन ने वर्ष 2017 में शुरू की थी, लेकिन इस योजना का लाभ सिवनी जिले के हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है.
जानकारी के अनुसार, जिले में 86 गांव ऐसे हैं, जहां यह जनजातियां निवास करती हैं. इनकी कुल जनसंख्या 5973 है, जबकि इन परिवारों में मुखिया महिलाओं की संख्या 1630 है. शासन की योजना के अनुसार इन सभी महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह की राशि मिलनी चाहिए थी, लेकिन आज तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिला है.
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NDTV की टीम गांव में पहुंची तो पता चला कि इन जनजातियों के लोगों को मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है. सरकार की लाडली बहना योजना का लाभ कुछ ही महिलाओं को मिल रहा है. यह जनजातियां शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पाने के लिए परेशान हो रही हैं.
कांग्रेस नेता और जनपद उपाध्यक्ष राजेंद्र नामदेव ने बताया कि वे अपने स्तर पर लगातार जिला प्रशासन और अधिकारियों से पत्राचार कर रहे हैं. साथ ही विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं.
परीक्षण ही चल रहा
अधिकारियों के अनुसार, साल 2025 में सिवनी जिले में सर्वे किया गया है. अधिकारी वर्तमान में पात्रता का परीक्षण कर रहे हैं. इसके बाद योजनाओं का लाभ मिल सकता है. लेकिन, सवाल खड़ा होता है कि मध्यप्रदेश के 55 जिलों में आहार अनुदान योजना का लाभ विशेष पिछड़ी जनजातियों को मिल रहा है, लेकिन सिवनी में अभी तक सिर्फ परीक्षण ही चल रहा है.