Menus Changed: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और रसोई गैस की आपूर्ति में रुकावट की अटकलों के बीच शुक्रवार को इंदौर के होटल और रेस्त्रां मालिकों कोअपने परोसे जाने वाले व्यंजनों में बदलाव के लिए कहा गया है. मध्य प्रदेश में होटल-रेस्त्रां के एक संगठन ने इंदौर के होटल और रेस्त्रां मालिकों को अपने मेन्यू में तवा रोटी के बजाय अब तंदूरी रोटी की प्रमुखता देने की सलाह दी है.
ये भी पढ़ें-अब साधु-संतों के लिए अनिवार्य हुआ AADHAAR, उज्जैन में बहुरुपियों की पहचान के लिए 'कालनेमी अभियान'
मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन ने होटल्स और रेस्त्रां के लिए जारी किया है परामर्श
रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन ने इंदौर के होटल्स और रेस्त्रां मालिकों के लिए जारी एक परामर्श में कहा है कि हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण वाणिज्यिक उपयोग वाली रसोई गैस की आपूर्ति में रुकावट आई है और होटल-रेस्तरांओं में ईंधन बचाकर कारोबार जारी रखने के लिए उपाय किए जाने की जरूरत है.
मेनू में केवल उन्हीं व्यंजनों को प्राथमिकता दें, जिनमें LPG का उपयोग कम होता है
जारी परामर्श में कहा गया है कि,‘'रेस्त्रां और रूम-सर्विस के मेनू को तर्कसंगत बनाएं और मेनू में उन व्यंजनों को प्राथमिकता दें, जिनमें रसोई गैस का उपयोग कम होता है या जिन्हें पकाने में कम समय लगता है. परामर्श में होटल-रेस्त्रां की व्यंजन सूची से उन व्यंजनों को अस्थायी रूप से हटाने या कम करने के लिए कहा गया है जिन्हें धीमी आंच पर लंबे समय तक पकाने और देर तक तलने की आवश्यकता होती है.
ये भी पढ़ें-Viral News: चोरी में नाकाम रहे नकाबपोश बदमाशों ने नाइट ड्यूटी में तैनात सिक्योरिटी गार्ड को सिर में मारी गोली
रसोई गैस की आपूर्ति में व्यवधान से प्रभावित हो रहा है होटल और रेस्त्रां कारोबार
मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया,‘‘वाणिज्यिक उपयोग वाली रसोई गैस की आपूर्ति में व्यवधान से हमारा कारोबार प्रभावित हो रहा है. इसके मद्देनजर हमने राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव से निवेदन किया है कि होटलों को आपातकालीन सेवाओं की श्रेणी में रखकर उन्हें राशनिंग के आधार पर रसोई गैस मुहैया कराई जाए. उन्होंने बताया कि होटल्स और रेस्त्रां मालिक वैकल्पिक इंतजामों की ओर देख रही हैं.
रसोई गैस से तवा रोटी बनाने के बजाय परंपरागत तंदूरों पर रोटी बनाई जा सकती है
मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा कि 'हमने अपने सदस्यों को परामर्श दिया है कि ईंधन बचाने के लिए रसोई गैस से तवा रोटी बनाने के बजाय कोयले या लकड़ी से चलने वाले परंपरागत तंदूरों पर रोटी बनाई जा सकती है. इसी तरह, माइक्रोवेव ओवन में पकने वाले पिज्जा सरीखे व्यंजनों को व्यंजन सूच में तरजीह दी सकती है.
ये भी पढ़ें-शादी के बाद प्रेमिका ने तलाश लिया दूसरा माशूक, 6 महीने बाद हुआ लव मैरिज का द इंड

मध्य प्रदेश के बड़े शहरों के होटलों में हर रोज कम से कम 500 शादियां हो रही हैं
सुमित सूरी ने कहा कि इन दिनों राज्य के बड़े शहरों के होटलों में हर रोज कम से कम 500 शादियां हो रही हैं, जिनमें हजारों लोग भोजन कर रहे हैं, लिहाजा ईंधन बचाने के लिए व्यंजन सूची में बदलाव जरूरी है. उन्होंने बताया कि राज्य में होटल-रेस्त्रां की कुल तादाद 50,000 से ज्यादा है, जिनमें से करीब 10,000 प्रतिष्ठान उनके संगठन से जुड़े हैं.