Commercial Gas Crisis 2026: छिंदवाड़ा जिले में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी ने होटल और नाश्ते की दुकानों को परेशान कर दिया है. सप्लाई प्रभावित होने के कारण शहरभर में फिर से लकड़ी और कोयले पर खाना पकने लगा है. कई प्रतिष्ठान, जिनमें इंडियन कॉफी हाउस भी शामिल है, ने व्यापार चलाए रखने के लिए पारंपरिक भट्टियों का सहारा ले लिया है.
सप्लाई बाधित, ईंधन की किल्लत बढ़ी
कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में बाधा आने से होटल, रेस्टोरेंट और चाय‑नाश्ते की दुकानों के सामने ईंधन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है. व्यापारियों का कहना है कि नियमित सप्लाई न मिलने से रोजाना का कामकाज प्रभावित हो रहा है और ऑर्डर समय पर पूरे करना मुश्किल हो रहा है.
पारंपरिक भट्टियां फिर से जलने लगीं
गैस नहीं मिलने की स्थिति में कई दुकानों ने वर्षों बाद फिर से लकड़ी की भट्टियां चालू कर दी हैं. इन भट्टियों में लकड़ी, कंडे और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल करके नाश्ता और अन्य व्यंजन तैयार किए जा रहे हैं. इससे धुआं और मेहनत बढ़ी है, लेकिन कारोबार बनाए रखने के लिए यह मजबूरी बन गई है.
इंडियन कॉफी हाउस का विकल्प बना लकड़ी-कोयला
छिंदवाड़ा के प्रतिष्ठित इंडियन कॉफी हाउस में भी स्थिति का असर साफ दिखा. संचालकों ने बताया कि गैस सप्लाई रुकने के डर से उन्होंने पहले से ही लकड़ी और कोयला खरीदकर खाना और नाश्ता उसी पर बनाना शुरू कर दिया है. उनके मुताबिक, “फिलहाल कारोबार चलाने के लिए यही एक विकल्प बचा है.”
घरेलू सप्लाई को मिल रही प्राथमिकता
व्यापारियों के बीच यह चर्चा है कि गैस कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए फिलहाल कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई सीमित कर दी है. इसका सीधा असर होटल और खान‑पान से जुड़े व्यवसायों पर पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ने और सेवा प्रभावित होने जैसी मुश्किलें सामने आ रही हैं.
बाजारों पर अंतरराष्ट्रीय तनाव की छाया
ईरान‑इजराइल‑अमेरिका के बीच तनाव का असर स्थानीय बाजारों तक महसूस किया जाने लगा है. व्यापारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात से ईंधन उपलब्धता पर दबाव बढ़ा है, जिसके चलते कमर्शियल गैस की कमी और अनिश्चितता बनी हुई है. सभी की उम्मीद है कि सप्लाई जल्द सामान्य होगी ताकि रोजमर्रा का कारोबार पटरी पर लौट सके.