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भोपाल में गैस संकट: लंबी कतारें और काला कारोबार, सिलेंडर 400‑500 रुपये महंगा

Bhopal LPG Crisis: भोपाल में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने आम लोगों की रसोई मुश्किल में डाल दी है. एजेंसियों के बाहर घंटों इंतज़ार और शहर में बढ़ती गैस कालाबाजारी के कारण लोग लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर लौटने लगे हैं.

भोपाल में गैस संकट: लंबी कतारें और काला कारोबार, सिलेंडर 400‑500 रुपये महंगा

Bhopal LPG Crisis: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रसोई गैस अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है. गर्मी के तेवरों के बीच लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े होकर एलपीजी सिलेंडर के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. लेकिन जहां एक तरफ लोग लाइन में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर में गैस की कालाबाजारी भी तेजी से फैल रही है. एनडीटीवी की पड़ताल में सामने आया है कि गैस चूल्हा ठीक करने वाली कुछ दुकानों पर अवैध तरीके से सिलेंडर रिफिल कर 400 से 500 रुपये ज्यादा लेकर बेचा जा रहा है. क्या है इस गैस संकट और काले कारोबार की पूरी कहानी…देखिए ये खास रिपोर्ट.

भोपाल में इन दिनों रसोई गैस के लिए लोगों की परेशानी साफ दिखाई दे रही है. शहर के कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं. कोई सुबह 8 बजे से लाइन में खड़ा है तो कोई रोज़े की हालत में भी सिलेंडर के इंतजार में घंटों खड़ा है. ग्राहक बेबी शानू कहती हैं क‍ि  “सुबह 8 बजे से खड़ी हूं…बहुत परेशानी हो रही है…पानी तक पीने की व्यवस्था नहीं है…सिलेंडर खत्म हो गया है.”

ग्राहक इशरत जहां का कहना है क‍ि “मैं रोजे में हूं… कल भी आई थी… मेरी बुकिंग बहुत दिनों से डली है लेकिन सिलेंडर नहीं मिल रहा… घर में कोई लाने वाला भी नहीं है.” इसी तरह से ग्राहक रफीका जहां कहती हैं क‍ि “सुबह 9 बजे से खड़े हैं… तीन दिन से बुकिंग नहीं हो रही थी… सिलेंडर खत्म हो गया है.” पूजा पाटिल, ग्राहक ने कहा क‍ि “प्राइवेट जॉब करती हूं… कल भी आई थी… आज हाफ डे लेकर आई हूं… पड़ोसी का सिलेंडर लेकर काम चला रही हूं.” 

Bhopal LPG Crisis Long Queues and Illegal Cylinder Sales

Bhopal LPG Crisis Long Queues and Illegal Cylinder Sales

मध्यप्रदेश में LPG उपभोक्ताओं की संख्या

पूरे मध्‍य प्रदेश में एलपीजी उपभोक्‍ताओं की संख्‍या 1 करोड़ 76 लाख से ज्यादा है. इनमें से लगभग 84 लाख उपभोक्ता इंडियन ऑयल, 44 लाख बीपीसीएल और करीब 48 लाख एचपीसीएल से जुड़े हैं. राज्य में 11 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट हैं जो पूरे प्रदेश में सिलेंडर सप्लाई करते हैं. 9 मार्च को पूरे मध्यप्रदेश में करीब 2.75 लाख सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए थे, जो सामान्य आपूर्ति के बराबर माने जाते हैं. लेकिन अब कई इलाकों में सप्लाई में करीब 25 फीसदी तक की कमी बताई जा रही है, और इसका सीधा असर आम लोगों की रसोई पर पड़ रहा है.

इन द‍िनों आलम यह है क‍ि भोपाल के कई इलाकों में सुबह से लोग लाइन में खड़े हैं. कुछ लोग तो दो-दो दिन से एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं. होटल रेस्टोरेंट के हालात भी अच्छे नहीं हैं. किचन इलेक्ट्रिक में बदलने की कोशिश की जा रही है. जहां एक तरफ लोग लाइन में खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ भोपाल में गैस का काला कारोबार भी खुलकर चल रहा है. 

Bhopal LPG Crisis Long Queues and Illegal Cylinder Sales

Bhopal LPG Crisis Long Queues and Illegal Cylinder Sales

NDTV की टीम जब अशोका गार्डन इलाके में पहुंची तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. यहां गैस चूल्हा सुधारने वाली दुकानों पर ही सिलेंडर की अवैध बिक्री हो रही है. दुकानदार निर्धारित कीमत से 400 से 500 रुपये ज्यादा लेकर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रहे हैं. इतना ही नहीं, कई दुकानों पर छोटे घरेलू सिलेंडरों को अवैध तरीके से रिफिल भी किया जा रहा है. ये पूरा काम रिहायशी बस्तियों के बीच हो रहा है, जहां किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है.

लोग लौटे लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर

गैस की किल्लत का असर इतना ज्यादा है कि शहर की कुछ बस्तियों में लोग फिर से लकड़ी और कोयले के चूल्हे जलाने लगे हैं. महंगाई और गैस की कमी के बीच लोगों की रसोई एक बार फिर पुराने दौर में लौटती दिखाई दे रही है. हालांकि सरकार गैस संकट से इनकार कर रही है.

गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री, खाद्य एवं आपूर्ति ने कहा कि 50 प्रतिशत गैस का उत्पादन भारत में होता है और 50 प्रतिशत गैस बाहर से आती है. देश में पर्याप्त गैस है. घरेलू या कमर्शियल गैस की कोई कमी नहीं है. अगर कहीं कालाबाजारी की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी. 

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