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VIDEO: 2.30 बजे खुले महाकाल के पट, लाखों भक्तों की भीड़, 44 घंटे तक जागेंगे बाबा; कल दोपहर में क्यों होगी भस्म आरती? 

Ujjain Mahakal Mandir:  महाशिवरात्रि पर्व पर आज रविवार 15 फरवरी को दिनभर बाबा महाकाल को जल अर्पित किया जाएगा. बाबा रात भर जागेंगे, रात को चार प्रहर की पूजा होगी. इसमें अभिषेक-पूजन के बाद सप्तधान्य चढ़ाया जाएगा. इस कारण मंदिर के पट बंद नहीं होंगे और रात भर मंदिर खुला रहेगा. वर्ष में एक बार होने वाली दोपहर की भस्म आरती महाशिवरात्रि के दूसरे दिन, यानी सोमवार 16 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजे होगी.

VIDEO: 2.30 बजे खुले महाकाल के पट, लाखों भक्तों की भीड़, 44 घंटे तक जागेंगे बाबा; कल दोपहर में क्यों होगी भस्म आरती? 

Ujjain Mahakal Mandir Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर्व आज 15 फरवरी 2026 को पूरे देश में मनाया जा रहा है. मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में इस पर्व की कुछ अनोखी परंपराएं हैं. इसके चलते 14-15 फरवरी की मध्यरात्रि 2.30 बजे महाकाल मंदिर के पट खोलकर भस्म आरती की गई. अब ये पट 44 घंटे तक खुले रहेंगे और बाबा महाकाल लगातार भक्तों को दर्शन देते रहेंगे. खास बात यह है कि प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती सोमवार को तड़के नहीं, बल्कि दोपहर में होगी.

दरअसल, महाकाल मंदिर के पट प्रतिदिन सुबह 4 बजे खुलते हैं, जिसके बाद भस्म आरती की जाती है. लेकिन महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार रात 2.30 बजे मंदिर के पट खोले गए. इसके बाद घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया. मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में विराजित सभी भगवानों की प्रतिमाओं का पूजन कर हरिओम का जल अर्पित किया गया. तत्पश्चात कपूर आरती कर बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया और दूध, दही, घी, शक्कर व फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया. इसके बाद बाबा को भांग, चंदन और रजत आभूषण अर्पित किए गए. राजा स्वरूप श्रृंगार में मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित किया गया. श्रृंगार के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म रमाई गई. इसके पश्चात शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की माला अर्पित की गई.

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आज महाशिवरात्रि पर होंगे ये पूजन  

भस्म आरती के पश्चात प्रातः 7.30 से 8.15 बजे तक दधोदक आरती, 10.30 से 11.15 बजे तक भोग आरती होगी. दोपहर 12 से 1 बजे तक तहसील की ओर से अभिषेक-पूजन किया जाएगा. शासकीय पूजन के पश्चात होलकर एवं सिंधिया परिवार द्वारा वंशानुसार अभिषेक पं. घनश्याम पुजारी द्वारा किया जाएगा. इसके बाद सायं 6 बजे आरती होगी. रात्रि 7 से 10 बजे तक कोटितीर्थ कुंड स्थित कोटेश्वर महादेव का पंचामृत पूजन, सप्तधान्य अर्पण के बाद पुष्प मुकुट श्रृंगार आरती होगी.

रात 11 बजे से शुरू होगी महापूजा

महाशिवरात्रि पर रविवार रात्रि 11 बजे से गर्भगृह में श्री महाकालेश्वर भगवान की महापूजा एवं अभिषेक होगा. इसमें भस्म धूलन, रुद्राक्ष माला धारण, भू शुद्धि, भूत शुद्धि, अंतर्मात्रिका, बहिर्मात्रिका, महान्यास, लघुन्यास, रुद्र पूजन और पंचवक्र पूजन किया जाएगा. बाबा को शिव सहस्त्र नामावली से बिल्वपत्र अर्पित किए जाएंगे. पंचामृत और विभिन्न फलों के रस से अभिषेक होगा. पं. महेश शर्मा ने बताया कि 16 तारीख को सुबह सप्तधान्य (चावल, मूंग, तिल, मसूर, गेहूं, जौ और उड़द) महाकालेश्वर भगवान को अर्पित किया जाएगा.

रात जागेंगे बाबा महाकाल, कल दोपहर में भस्म आरती

महाशिवरात्रि पर्व पर आज दिनभर बाबा महाकाल को जल अर्पित किया जाएगा. बाबा रात भर जागेंगे, रात को चार प्रहर की पूजा होगी. इसमें अभिषेक-पूजन के बाद सप्तधान्य चढ़ाया जाएगा. इस कारण मंदिर के पट बंद नहीं होंगे और रात भर मंदिर खुला रहेगा. वर्ष में एक बार होने वाली दोपहर की भस्म आरती महाशिवरात्रि के दूसरे दिन, यानी सोमवार 16 फरवरी 20226 को दोपहर 12 बजे होगी. इसके बाद रात में शयन आरती के पश्चात करीब 10.45 बजे मंदिर के पट बंद होंगे.

मात्र 25 मिनट में दर्शन

महाकाल मंदिर समिति ने दावा किया है कि महाशिवरात्रि पर लगभग 10 लाख दर्शनार्थी आ सकते हैं. इसे देखते हुए आठ कतारों से दर्शन करवाए जाएंगे. सामान्य दर्शनार्थियों को करीब 40 मिनट में दर्शन होंगे, जबकि 250 रुपये के शीघ्र दर्शन पासधारी श्रद्धालु 25 मिनट में दर्शन कर सकेंगे.

ये हैं व्यवस्थाएं

शिवरात्रि पर्व के लिए मंदिर समिति द्वारा 10 बसों का निःशुल्क संचालन किया जा रहा है, जो मन्नत गार्डन से भील समाज की धर्मशाला तक चलाई जाएंगी. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 2000 पुलिसकर्मी, 2000 मंदिर कर्मचारी और 150 से अधिक अधिकारी व मजिस्ट्रेट 24x7 ड्यूटी पर तैनात किए गए हैं. भीड़ प्रबंधन के लिए संपूर्ण दर्शन मार्ग और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम द्वारा 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है. दर्शन पथ पर दिशा-निर्देशन, सुविधाओं और व्यवस्थाओं के लिए दिशा-सूचक बोर्ड और फ्लेक्स होर्डिंग लगाए गए हैं. साथ ही पूछताछ केंद्र, पार्किंग, जूता स्टैंड, पेयजल, प्रकाश, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है.

सप्तधान्य का मुखौटा धारण करेंगे महाकाल

सोमवार को प्रातः 4 बजे भगवान महाकाल को सप्तधान्य का मुखौटा धारण कराया जाएगा. बाबा को सवा मन फूलों का पुष्प मुकुट, सोने के कुंडल, छत्र, मोरपंख और सोने के त्रिपुंड से सुसज्जित किया जाएगा. प्रातः 6 बजे सेहरा आरती के दौरान बाबा पर चांदी के बिल्वपत्र और सिक्के न्यौछावर किए जाएंगे.

करीब 3 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार

महाशिवरात्रि पर्व पर बाबा महाकाल का दूल्हे के रूप में श्रृंगार किया गया. इसके लिए 3 क्विंटल फूलों का उपयोग किया गया, जिसमें 100 किलो आंकड़े के फूल, सवा लाख बेलपत्र और 200 किलो देसी फूलों से 11 फीट लंबा सेहरा तैयार किया गया.

400 क्विंटल लड्डू प्रसादी तैयार

महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद देशभर में प्रसिद्ध है. रोजाना 30 से 40 क्विंटल लड्डू प्रसादी बनाई जाती है, लेकिन महाशिवरात्रि पर्व पर 400 क्विंटल लड्डू प्रसादी तैयार की गई है. इसके लिए मंदिर क्षेत्र में करीब 20 काउंटर लगाए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को प्रसादी आसानी से मिल सके.
 

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