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MP में 27 फीसदी OBC आरक्षण को लेकर जल्द आएगा फैसला, 16 अप्रैल से शुरू होगी फास्ट ट्रैक सुनवाई

MP High Court: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस विनय सराफ की युगल पीठ ने सोमवार को केस की प्राथमिकता पर सुनवाई करने की बात कही है और रजिस्ट्रार को मामले से जुड़े सभी लंबित ट्रांसफर मामलों को 2 अप्रैल तक सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं और सभी पक्षों को अंतिम सुनवाई में एक सप्ताह तक अपनी दलील रखने का अवसर दिया है. 

MP में 27 फीसदी OBC आरक्षण को लेकर जल्द आएगा फैसला, 16 अप्रैल से शुरू होगी फास्ट ट्रैक सुनवाई
OBC Reservation in MP Fast track hearings

OBC Reservation: मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने सोमवार को ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी संबंधित याचिकाओं को एक साथ लिंक करने के निर्देश दिए हैं और आगामी 2 अप्रैल तक सभी पक्षो को जवाब दाखिल करने की समय-सीमा निर्धारित करते हुए कहा है कि 16 अप्रैल से मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई शुरू होगी, जो अंतिम सुनवाई होगी.

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा, जस्टिस विनय सराफ की युगल पीठ ने सोमवार को केस की प्राथमिकता पर सुनवाई करने की बात कही है और रजिस्ट्रार को मामले से जुड़े सभी लंबित ट्रांसफर मामलों को 2 अप्रैल तक सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं और सभी पक्षों को अंतिम सुनवाई में एक सप्ताह तक अपनी दलील रखने का अवसर दिया है. 

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6 साल से कोर्ट में लंबित है मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का विवाद

गौरतलब है मध्य प्रदेश में 27 ओबीसी आरक्षण को लेकर सालों से विवाद चला आ रहा है, जिसको लेकर सत्तासीन बीजेपी और विपक्ष कांग्रेस दोनों एक दूसरे पर सियासत करने का आरोप लगाते रहे हैं, लेकिन हाईकोर्ट के नए फैसले से अब इस केस में जल्द फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है. 6 साल से कोर्ट में लंबित मामले में सामान्य वर्ग की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जल्द आदेश देने की बात कही है.

बार-बार हो रही हस्तक्षेप वाली याचिकाओं से सुनवाई में हो देरी पर हाई कोर्ट सख्त 

पिछले 6 वर्षों से लंबित मध्य प्रदेश ओबीसी आरक्षण का मामला बार-बार हो रही हस्तक्षेप वाली याचिकाओं से केस की सुनवाई में हो देरी पर हाई कोर्ट सख्त है. ऐसी ही हाई कोर्ट में दायर आशिता दुबे की याचिका को लीड केस मानने पर हुई बहस पर कोर्ट ने स्पष्ट करते हुए कहा कि सिर्फ देरी के लिए दायर याचिकाओं को नहीं सुना जाएगा.

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सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण मामले में हाई कोर्ट को दिया है अंतिम निर्णय का अधिकार

उल्लेखनीय है सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण मामले को वापस हाईकोर्ट भेजते हुए हाई कोर्ट को अंतिम निर्णय का अधिकार दिया था. माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण की वैधानिकता पर अंतिम फैसला अब 16 अप्रैल से शुरू होने वाली फास्ट ट्रैक सुनवाई के बाद निकेलगा, जिसका असर भर्ती और शिक्षा से जुड़े लाखों लोगों पर पड़ेगा

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