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This Article is From Mar 17, 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग का बदला नाम, मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया फैसला

Department of Cow Rearing and Animal Husbandry: मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी गई, जिसके अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया.

मध्य प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग का बदला नाम,  मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया फैसला
DR. MOHAN YADAV RENAMES ANIMAL HUSBANDRY DEPARTMENT
भोपाल:

MP Government: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को पशुपालन विभाग का नाम बदलने का निर्णय लिया. मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में पशुपालन विभाग का नाम बदलने के निर्णय को मंजूरी दी गई. एक आधिकारिक बयान में पशुपालन विभागन का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग करने के निर्णय की घोषणा की गई.

मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी गई, जिसके अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया.

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MSP पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपए प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय 

मंत्रिपरिषद की बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपए प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का भी निर्णय लिया गया. बयान में कहा गया कि उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाएगा और इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.

मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव

मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव

विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति

बयान के मुताबिक किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर और सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा. मंत्रिपरिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए चार हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.

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मंत्रिपरिषद ने मंगलवार को मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन किया है. अधिकारी ने कहा, 'मध्यप्रदेश भण्डार क्रय और सेवा उपार्जन नियम' को MSMI से वित्त विभाग को आवंटित किए जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा.

रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपए की स्वीकृति

गौरतलब है मंत्रिपरिषद ने उज्जैन में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपए स्वीकृति प्रदान की और रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपए की स्वीकृति दी. इससे जिले की जवा व त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को लाभ मिलेगा.

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