मेघालय में 2025 में हनीमून के दौरान जान से मार डाले गए इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी के दो बड़े भाइयों और उनके ढाबे के तीन कर्मचारियों को संज्ञेय अपराध रोकने के प्रावधानों के तहत शनिवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि ढाबे में ग्राहकों को अवैध तौर पर शराब परोसे जाने के खुलासे के बाद यह कार्रवाई की गई.
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) निधि सक्सेना ने बताया कि राऊ थाना क्षेत्र में राजा रघुवंशी के दो बड़े भाइयों-सचिन रघुवंशी और विपिन रघुवंशी के ढाबे में ग्राहकों को शराब परोसी जा रही थी, जबकि संचालकों ने इसके लिए कोई लाइसेंस नहीं ले रखा था.
उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों के साथ ही उनके ढाबे के तीन कर्मचारियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 और अन्य प्रावधानों के तहत संज्ञेय अपराध रोकने के लिए एहतियातन गिरफ्तार किया गया. सक्सेना ने बताया कि ढाबे में अवैध तौर पर शराब परोसे जाने को लेकर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है.
एसीपी ने बताया कि ढाबे के कर्मचारियों की जानकारी पुलिस को नहीं देने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 (किसी लोक सेवक के जारी आदेश की अवहेलना) के तहत अलग मामला दर्ज किया गया है.
राजा के सपने को पूरा करने के लिए खोला गया था ढाबा
जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 2025 में शादी के कुछ दिनों बाद हनीमून के लिए मेघालय गए थे, जहां राजा की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मेघालय पुलिस ने सोनम, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाह और तीन कथित भाड़े के हत्यारों को गिरफ्तार किया था. राजा का सपना इंदौर में एक बड़ा ढाबा खोलने का था. उसकी मौत के बाद भाई विपिन और सचिन ने उसकी याद और सपने को जिंदा रखने के लिए कैट रोड पर 'राजा भोज ढाबा' शुरू किया था.
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