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This Article is From Sep 03, 2024

MP में CM Rise School बन रहा या जलमहल! बिना आकलन किए बना रहे 2223 लाख रुपये का भवन 

Satna News: जिले में सीएम राइज स्कूल का निर्माण परिस्थितियों का आंकलन किए बिना ही ठेकेदार कर रहे हैं. इस भवन की मजबूती को लेकर काफी सारे संदेह है...

MP में CM Rise School बन रहा या जलमहल! बिना आकलन किए बना रहे 2223 लाख रुपये का भवन 
जलभराव के बीच में हो रहा सीएम राइज स्कूल का निर्माण

MP CM Rise School: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए विकसित किए गए सीएम राइज विद्यालय (CM Rise School) भवन निर्माण में बड़ी लापरवाही हो रही है. सतना (Satna) जिला मुख्यालय में सीएम राइज विद्यालय का भवन जिस स्थल पर बन रहा है, उसे देखकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यह स्कूल बना रहे हैं या फिर जल महल... वर्तमान परिस्थितियों को देखकर अंदेशा इस बात का है कि कहीं सरकार के 2223 लाख रुपए पानी में न चले जाएं. जिन हालातों में ठेका कंपनी ने निर्माण शुरू किया है, उससे विद्यालय की नीव कमजोर होने की संभावना दिखाई दे रही है. पिछले तीन महीने से निर्माणाधीन स्कूल भवन के पिलर पानी में डूबे हुए हैं. ऐसे में सरिया जंग खाकर गल सकते हैं. भविष्य में अगर विद्यालय बन भी गया, तो वह कितने दिन टिकेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता है...

जलभराव के बीच बनाया जा रहा सीएम राइज स्कूल

उल्लेखनीय है कि शहर के वार्ड-3 और वार्ड-एक के मध्यस्थल पर जिला कलेक्टर अनुराग वर्मा के द्वारा विद्यालय भवन के लिए छह एकड़ जमीन आवंटित की गई. तालाब कम अवैध उत्खनन के गड्ढ़े से लगी भूमि पर जलभराव ऐसा है कि पूरे इलाके में अथाह पानी भरा हुआ है. फिलहाल, ठेका कंपनी ने स्कूल भवन का निर्माण कार्य रोक दिया है, लेकिन अब तक वह विकल्प नहीं तलाशा जा सका जिससे यहां का पानी निकल सके. अगर तालाब खोला जाता है, तो निचली बस्ती के बहने का खतरा है. ऐसे में पानी निकालने का जोखिम नहीं लिया जा सकता. फिलहाल ठेका कंपनी ने काम रोक दिया है. साइट में पड़ी सामग्री खराब हो चुकी है. बालू में मिट्टी मिल गई है. लाखों-करोड़ों की मशीनें पानी में डूबी खड़ी है. ऐसे में इस साइट से ठेकेदार को भी काफी नुकसान हो रहा है.

स्कूल निर्माण में हो रही लापरवाही

स्कूल निर्माण में हो रही लापरवाही

आखिर किसने चुना यह स्थान

स्कूल के लिहाज से यह जमीन किसी भी मायने में उचित नहीं थी. इसके बाद भी इस स्थान का चुनाव किसने कर लिया? विभागीय लोगों की मानें, तो इससे पहले इसी स्थान को केन्द्रीय विद्यालय भवन के लिए आवंटन किया गया था. लेकिन, केन्द्रीय विद्यालय प्रबंधन ने इस स्थान को देखते हुए भवन का निर्माण नहीं कराया. इसके बाद केन्द्रीय विद्यालय को नई जगह सतना के कृपालपुर इलाके में जमीन आवंटित की गई. क्या प्रशासन द्वारा आवंटन से पहले मौके की परिस्थितियों को नहीं देखा गया? बताते हैं कि इस जगह पर अक्सर जल भरा रहता है. चूंकि यहां प्राथमिक से लेकर 12वीं तक के छात्रों को पढ़ना है, ऐसे में तालाब के कारण कभी भी हादसे हो सकते हैं.

तिमंजिला भवन का होना निर्माण

यूं तो ठेका कंपनी ने 20 एमएम की सरिया से बेस तैयार किया है. इस पर तिमंजिला भवन खड़ा किया जाना है. पूरी सरिया और सीमेंट लगातार पानी में डूबे हुए हैं. तकनीकी जानकारों की मानें, तो पानी के संपर्क में रहने के कारण जंग लगेगा. ऐसे में भवन की नींव कमजोर होगी. भवन निर्माण की लागत 2223 लाख रुपए बर्बाद होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. 

निर्माण कार्य अटका आधे में

निर्माण कार्य अटका आधे में

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क्या बोले प्राचार्य

सीएम राइज विद्यालय के प्राचार्य अश्वनी पाठक ने कहा कि राजस्व विभाग ने जमीन का आवंटन किया. राज्य स्तर से टेंडर हुए. निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के द्वारा किया जा रहा है. मौके पर जल भराव की स्थिति है, जो स्कूल भवन के मानक के अनुसार तो नहीं है. दूसरी तरफ, सीएम राइज बगहा के भवन का निमार्ण परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) सतना के इंजीनियर की निगरानी में हो रहा है. परियोजना यंत्री एसपी तिवारी पिछले कई दिनों से वीसी का हवाला देकर बात करने से बच रहे हैं.

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