Indore Dirty Water Death: मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में पिछले दिनों दूषित पेयजल के सेवन से लोगों की मौत के बाद गुरुवार को राज्य की वाणिज्यिक राजधानी को लगातार आठ बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार मिलने पर सवाल उठाए और इसमें फर्जीवाड़े की आशंका जताई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सिंघार ने इंदौर के कई इलाकों का दौरा करने और मौके पर पानी की गुणवत्ता की जांच करने के बाद यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार के ‘स्वच्छता' और ‘विकसित भारत' के दावे जमीनी हकीकत में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं क्योंकि वहां के नलों में ‘जहर' बह रहा है.
इंदौर के कनाडिया क्षेत्र में पानी की टंकी की जर्जर हालत नगर निगम के कुप्रबंधन और बदहाल व्यवस्था की सच्चाई खुद बयां कर रही है।
— Umang Singhar (@UmangSinghar) January 8, 2026
जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ और बुनियादी सुविधाओं के प्रति लापरवाही बेहद चिंताजनक है।
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अवॉर्ड पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘इंदौर को आठ बार सबसे स्वच्छ शहर का इनाम मिला और वह पहले नंबर पर आया. अगर लोग सीवेज का पानी पीने को मजबूर हैं तो स्वच्छता रैंकिंग का कोई अर्थ नहीं. कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है... कागजों की गड़बड़ है. इंदौर के अंदर जो स्थिति है... आठ बार इनाम कैसे मिला? इनाम इन्होंने कैसे फर्जी दस्तावेज लगाकर लिए, यह सरकारी अधिकारी जानते हैं.''
आज मैं इंदौर की जनता को जगाने के लिए शहर की सड़कों पर उतरा। खजराना, मदीना नगर, भूरी टेकरी और आजाद नगर समेत कई इलाकों में गया।
— Umang Singhar (@UmangSinghar) January 7, 2026
वहां लोगों से बात की, वाटर ऑडिट किया और उन्हें सलाह दी कि आप जो पानी पी रहे हैं, उसका वाटर ऑडिट जरूर करें!
ताकि, पता चले कि जिस भाजपा को आपने वोट दिया,… pic.twitter.com/KviOna1C0R
इंदौर प्रशासन ने शहर में इस प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि की है जबकि स्थानीय लोगों ने दूषित जल पीने से छह माह के बच्चे समेत 17 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है. हालांकि, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दो जनवरी को कहा था कि उन्हें घटना में 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है. इन सब दावों के बीच सरकार ने मंगलवार को 18 पीड़ित परिवारों के बीच मुआवजे का वितरण कर दिया.
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इन इलाकों के जल की गुणवत्ता की जांच की और इसका निष्कर्ष यह है कि भाजपा सरकार के स्वच्छता और विकसित भारत के दावे जमीनी हकीकत में पूरी तरह विफल साबित हुए हैं.''
उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता के पुरस्कारों से लोग जिंदा नहीं रहते बल्कि जिंदा रहने के लिए साफ पानी चाहिए और राज्य सरकार इसमें विफल रही है. नेता प्रतिपक्ष ने पूरे प्रदेश में जल की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग की और सभी जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे भी अपने-अपने क्षेत्र में यह काम करें ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों को मरने से बचाया जा सके. उन्होंने इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज करने, दोषियों पर तत्काल कार्रवाई किए जाने और इंदौर के महापौर के इस्तीफे की मांग की.
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