Indore Contaminated Water Case: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों से मिलने का प्रयास किया, लेकिन उनके घरों के बाहर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग ने उन्हें रोक दिया. कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार सच से डर रही है और विपक्ष को पीड़ितों से मिलने नहीं दे रही. कांग्रेस नेताओं ने संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को देश में कहीं भी जाने का अधिकार है, लेकिन सरकार इस अधिकार का हनन कर रही है. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भागीरथपुरा चौराहे पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की. हालांकि बाद में जिला प्रशासन ने केवल 11 कांग्रेस नेताओं को पीड़ित परिवारों से मिलने की अनुमति दी है.
सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते गंदा पानी पीने से इन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 6, 2026
इससे अधिक दुखद और कुछ नहीं हो सकता। क्या प्रदेश में ऐसे ही निर्दोष लोग भाजपा के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे?@drmohanyadav51 जी, हमारी माँग स्पष्ट है कि जिन सभी परिवारों ने अपने… pic.twitter.com/mFuYB9Kwfh
एक करोड़ का मुआवजा और हत्या का केस दर्ज हो : जीतू पटवारी
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा "सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार के चलते गंदा पानी पीने से इन लोगों ने अपने परिजनों को खोया है. इससे अधिक दुखद और कुछ नहीं हो सकता. क्या प्रदेश में ऐसे ही निर्दोष लोग भाजपा के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते रहेंगे? मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, हमारी माँग स्पष्ट है कि जिन सभी परिवारों ने अपने परिजन खोए हैं, उन्हें एक करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए और इंदौर के महापौर पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा चलना चाहिए."
आज इंदौर में जहरीला पानी पीने से मृतक पीड़ितों के परिजनों से मिल रहा हूँ। यह वीडियो डालना नहीं चाहता था, लेकिन बड़े भारी और दुखद मन से कहना पड़ रहा है कि मुख्यमंत्री जी, 17 लोगों की मौत तो कागज़ी आँकड़ों में दर्ज है, फिर भी सिर्फ 4 लोगों को दो लाख रुपये का मुआवजा मिला है।
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वहीं उमंग सिंघार ने कहा "आज इंदौर के भागीरथपुरा पहुँचकर दूषित पानी के सेवन से बीमार हुए नागरिकों से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना. मासूम बच्चों और बुजुर्गों की पीड़ादायक स्थिति देखकर मन अत्यंत व्यथित और दुखी है. ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी प्रभावित लोग शीघ्र स्वस्थ हों. यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और घोर निंदनीय है. भाजपा सरकार की लापरवाही और कुशासन का दुष्परिणाम आज प्रदेश की निर्दोष जनता भुगत रही है. मुख्यमंत्री से मेरा कड़े शब्दों में आग्रह है कि दूषित पानी से प्रभावित सभी मरीजों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ, समुचित उपचार और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए."
"यह कैसी असंवेदनशीलता है?"
जीतू पटवारी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि आज इंदौर में जहरीला पानी पीने से मृतक पीड़ितों के परिजनों से मिल रहा हूँ. यह वीडियो डालना नहीं चाहता था, लेकिन बड़े भारी और दुखद मन से कहना पड़ रहा है कि मुख्यमंत्री जी, 17 लोगों की मौत तो कागज़ी आँकड़ों में दर्ज है, फिर भी सिर्फ 4 लोगों को दो लाख रुपये का मुआवजा मिला है. यह कैसी असंवेदनशीलता है? आपकी सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने इन निर्दोष लोगों की जान ली है, फिर भी आपकी उदासीनता और अहंकार इन पीड़ित परिजनों को और प्रताड़ित कर रहा है. मोहन यादव जी, हमारी माँग स्पष्ट है. हर मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और इंदौर के महापौर पर एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाया जाए.
क्या अब मध्य प्रदेश में तालिबान का राज आ गया है?
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मैं और नेता प्रतिपक्ष @UmangSinghar जी इंदौर में दूषित पानी पीने से पीड़ित परिजनों से मिलकर उनका दुख बाँटना चाहते थे, लेकिन उनके घरों के बाहर सैकड़ों पुलिस जवानों की तैनाती और बैरिकेडिंग कर @DrMohanYadav51 जी ने साफ कर दिया कि… pic.twitter.com/4hSqrJiMTg
जीतू पटवारी ने कहा, “हमने एक समिति बनाई है जो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी. मृतकों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलना चाहिए. मुख्यमंत्री को दोषियों पर FIR दर्ज करनी चाहिए और उस मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए जिसने दुर्व्यवहार किया.”
इससे पहले हुई न्याय यात्रा की बैठक
राऊ विधानसभा में कांग्रेस ने बैठक कर आगामी 11 जनवरी को होने वाली ‘न्याय यात्रा' की तैयारियों पर चर्चा की. बैठक में AICC की राष्ट्रीय सचिव उषा नायडू और इंदौर ग्रामीण जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. कांग्रेस का आरोप है कि जहरीला पानी पिलाने वाली मोहन सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए पूरा इंदौर तैयार है.
एक पीड़ित ने कहा, “एक हत्या पर आजीवन कारावास का प्रावधान है, लेकिन इंदौर में 20 से अधिक मौतों के बावजूद जिम्मेदार लोग पद पर बने हुए हैं.” कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 20 से अधिक मौतों के बाद भी भाजपा नेता इस्तीफा देने को तैयार नहीं हैं.
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