Sagar Collector Pratibha Pal: मध्य प्रदेश में गुरुवार को 26 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया. इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत सागर जिले को नई कलेक्टर मिल गई हैं. रीवा कलेक्टर रहीं आईएएस प्रतिभा पाल को अब सागर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है. उनके आगमन से जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नई गति और मजबूती आने की उम्मीद जताई जा रही है. दरअसल, IAS प्रतिभा पाल ने नरसिंहगढ़, सतना, जबलपुर, इंदौर और रीवा में पोस्टिंग के दौरान बेहतरीन कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाई.
2012 बैच के IAS अधिकारी है प्रतिभा पाल
प्रतिभा पाल वर्ष 2012 बैच की मध्यप्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने 3 सितंबर 2012 को भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की थीं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली की निवासी प्रतिभा पाल का शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रहा है. उन्होंने इतिहास विषय से स्नातक (बीए) और स्नातकोत्तर (एमए) की पढ़ाई पूरी की है. अपने प्रशासनिक करियर के दौरान प्रतिभा पाल ने कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं.
इन जिलों में कमिश्नर के पद पर रह चुकी हैं प्रतिभा पाल
शुरुआती दौर में उन्होंने जबलपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने प्रशासनिक कार्यों की बारीकियों को नजदीक से समझा. इसके बाद नरसिंहगढ़ में एसडीएम के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन को मजबूती देने का काम किया. वहीं नरसिंहपुर में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में उन्होंने ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया.इसके अलावा प्रतिभा पाल ने शहरी प्रशासन में भी अपनी अलग पहचान बनाई है. वे सतना, उज्जैन और इंदौर नगर निगम में कमिश्नर जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं.
इंदौर शहर को स्वच्छ करने में निभाई थी अहम भूमिका
खासतौर पर इंदौर नगर निगम में उनके कार्यकाल को उल्लेखनीय माना जाता है. उनके नेतृत्व में इंदौर शहर ने स्वच्छता और शहरी प्रबंधन के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए. शहर को लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहरों में बनाए रखने में उनकी भूमिका अहम रही.
उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता उनकी कार्यनिष्ठा और समर्पण है. जनवरी 2021 में मां बनने से ठीक पहले तक वे पूरी सक्रियता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करती रहीं. इतना ही नहीं, मातृत्व अवकाश के दौरान भी उन्होंने लंबा विराम नहीं लिया और महज 11 दिन बाद ही दोबारा अपने काम पर लौट आईं. यह उनकी जिम्मेदारी के प्रति गंभीरता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण माना जाता है.
बावड़ी हादसे को लेकर विवादों में घिरी थी IAS पाल
हालांकि उनके करियर में चुनौतियां भी आईं. अप्रैल 2023 में इंदौर में हुए चर्चित बावड़ी हादसे के बाद प्रशासनिक कार्यशैली को लेकर सवाल उठे थे. इस घटना के बाद उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ा और कुछ समय बाद उनका तबादला कर दिया गया. बावजूद इसके, उन्होंने अपने अनुभव और कार्यकुशलता के दम पर आगे भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाया.
रीवा कलेक्टर के रूप में प्रतिभा पाल ने प्रशासनिक सख्ती और जनहित के कार्यों से अपनी अलग पहचान बनाई. उनके कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिली. आम जनता से संवाद और समस्याओं के त्वरित निराकरण को उन्होंने प्राथमिकता दी, जिससे वे एक सक्रिय और संवेदनशील अधिकारी के रूप में उभरीं.
अब सागर की मिली कमान
अब सागर जिले की कमान संभालते हुए उनसे कई अपेक्षाएं जुड़ी हैं. सागर एक महत्वपूर्ण जिला है, जहां शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं. ऐसे में प्रतिभा पाल के अनुभव और नेतृत्व क्षमता से जिले में चल रहे विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. स्थानीय प्रशासन और आम जनता को विश्वास है कि उनके नेतृत्व में सागर में प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे. फिलहाल सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई कलेक्टर के रूप में प्रतिभा पाल सागर जिले को विकास के नए आयाम तक कैसे पहुंचाती हैं.
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