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पति ने पिता बनकर किया कन्यादान! आधी रात को WhatsApp चैट से खुला दुल्‍हन का राज

ग्वालियर में शादी के नाम पर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां लुटेरी दुल्हन का असली पति ही भाई बनकर शादी में शामिल हुआ और कन्यादान कराया. मोबाइल चैट से इस पूरी फर्जी शादी का पर्दाफाश हुआ.

पति ने पिता बनकर किया कन्यादान! आधी रात को WhatsApp चैट से खुला दुल्‍हन का राज
लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह ने मिलकर युवक को अपना शिकार बनाया.

ग्वालियर में शादी के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है जहां एक लुटेरी दुल्हन और उसके गिरोह ने मिलकर एक युवक को अपना शिकार बनाया. इस साजिश में चौंकाने वाली बात यह रही कि शादी में जिस शख्स ने पिता और भाई की भूमिका निभाकर कन्यादान की रस्म पूरी की, वह असल में दुल्हन का पहला पति निकला. यह पूरा खेल युवक के पैसे और गहने लूटने के लिए रचा गया था, लेकिन दुल्हन की एक छोटी सी गलती और मोबाइल चैट ने इस पूरे राज का पर्दाफाश कर दिया. यह घटना ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के नाका चंद्रवदनी इलाके की है, जहां पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर लुटेरी दुल्हन समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज कर लिया है.

शादी की मजबूरी का फायदा उठाकर पड़ोसी ने बुना जाल

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित 35 वर्षीय रतन लाल मूल रूप से जबलपुर का रहने वाला है और वहां एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर के पद पर कार्यरत है. रतन लाल के परिवार में पांच भाई हैं और काफी समय से किसी की भी शादी नहीं हो पा रही थी. पूरा परिवार घर में किसी एक लड़के की शादी कराने के लिए बेहद उत्सुक था और लगातार अच्छे रिश्ते की तलाश में जुटा हुआ था. रतन लाल के पड़ोसी सोनू तिवारी को परिवार की इस मजबूरी और परेशानी का पता था, जिसका फायदा उठाने के लिए उसने एक खौफनाक साजिश रच डाली. 

आरोपी

आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का सगा भाई बताकर रतन के घर गोद भराई की रस्म निभाने के लिए पहुंचा.

पड़ोसी सोनू तिवारी ने रतन लाल के भाई गोविंद से संपर्क किया और उसे बताया कि मुरैना का रहने वाला उसका एक दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए एक अच्छे वर की तलाश कर रहा है. सोनू तिवारी ने लड़की के परिवार को बेहद गरीब बताते हुए कहा कि वह रतन की शादी उस लड़की से करवा देगा. अपने पड़ोसी की बातों पर पूरी तरह भरोसा करके रतन की मां और भाई ने सबसे पहले लड़की की तस्वीर देखी. फोटो में लड़की पसंद आने के बाद परिजन उसे देखने के लिए पहुंचे और दोनों पक्षों की सहमति से रिश्ता पक्का कर दिया गया.

होटल में धूमधाम से हुई शादी और खर्च हुए सात लाख रुपए

रिश्ता तय होने के बाद रतन लाल अपने काम से छुट्टी लेकर जबलपुर से ग्वालियर पहुंच गया. विगत 27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का सगा भाई बताकर रतन के घर गोद भराई की रस्म निभाने के लिए पहुंचा. इसके बाद 7 मई को पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज के साथ दोनों की शादी बेहद धूमधाम से संपन्न कराई गई. इस पूरी शादी के आयोजन में पीड़ित परिवार के करीब 7 लाख रुपए खर्च हो गए. शादी के दौरान सोनू चौहान की मां माया देवी ने लड़की की मां बनकर कन्यादान की रस्म अदा की. इसके साथ ही सोनू की बहन शिल्पी, जीजा राघवेंद्र और भाई सत्येंद्र भी लड़की वाले बनकर शादी के जश्न में शामिल हुए. शादी संपन्न होने के बाद विदाई की गई और दुल्हन को नाका चंद्रवदनी स्थित घर लाया गया.

दुल्हन की मोबाइल चैट से सामने आई खौफनाक सच्चाई

शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था, लेकिन जल्द ही परिवार के लोगों ने ध्यान दिया कि नई नवेली दुल्हन दिन-रात अपने मोबाइल फोन पर किसी के साथ लगातार चैट करने में व्यस्त रहती थी. दुल्हन के इस अजीब व्यवहार को देखकर जब पति रतन लाल को शक हुआ, तो उसने एक रात चुपके से दुल्हन का मोबाइल फोन चेक कर लिया. व्हाट्सऐप चैट खोलते ही रतन लाल के होश उड़ गए और पैरों तले जमीन खिसक गई. चैट से इस बात का सनसनीखेज खुलासा हुआ कि भाई बनकर जिस सोनू उर्फ अजय चौहान ने शादी करवाई थी और जिसकी मां ने कन्यादान किया था, वह सोनू ही दीक्षा का असली पति है. दोनों ने साल 2024 में आगरा के एक आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था और तब से वे पति-पत्नी की तरह एक साथ रह रहे थे.

दुल्हन पुलिस हिरासत में, पूरे गिरोह पर मुकदमा दर्ज

चैट पढ़ते ही रतन लाल को पूरी कहानी समझ में आ गई कि वह एक बेहद शातिर ठग गिरोह के जाल में फंस चुका है. यह पूरा गिरोह एक सोची-समझी रणनीति के तहत उसकी फर्जी शादी कराकर घर में रखे लाखों के सोने-चांदी के जेवर और नकदी लूटने की फिराक में था. रतन लाल ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत इस बात की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों को दी. इसके बाद परिवार ने सूझबूझ दिखाई और युवती को भनक लगे बिना शनिवार को उसे पकड़कर सीधे झांसी रोड थाने ले आए. पीड़ित ने मोबाइल चैट के स्क्रीनशॉट और शादी के वीडियो के रूप में सारे सबूत पुलिस के सामने पेश कर दिए.

झांसी रोड थाने के टीआई शक्ति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि पुलिस ने राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल, सोनू उर्फ अजय चौहान, माया देवी, शिल्पी परमार, राघवेंद्र परमार, सत्येंद्र चौहान और पड़ोसी सोनू तिवारी के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह बेहद शातिर है और इससे पहले भी कई मासूम लोगों को झूठी शादी के जाल में फंसाकर लूट चुका है. पुलिस की अलग-अलग टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. मुख्य आरोपी युवती फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और उससे गिरोह के अन्य सदस्यों व पुरानी वारदातों के बारे में कड़ी पूछताछ की जा रही है. 

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