
Gawahoin Ka Gadbadjhada: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में थाने की पुलिस द्वारा कोर्ट में पेश किए जाने वाले फर्जी गवाहों को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है. जिले के लभगग सभी थाने में थोक के भाव में गवाह मौजूद हैं, जो सैंकड़ों मामलों में आधिकारिक गवाह के रूप में दर्ज हैं. थानों में कई गवाह ऐसे हैं, जो 2-4 नहीं, 100 मामलों में गवाह है.
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507 आपराधिक मामलों में पुलिस ने कोर्ट में पेश किए खुद के बनाए गवाह
रिपोर्ट के मुताबिक ग्वालियर पुलिस ने पिछले तीन सालों में 507 आपराधिक मामलों में खुद के बनाए गवाह पेश किए हैं. यानी हर थाने में ऐसे गवाह पहले से तय होते हैं और इन गवाहों को थाने में बुलाए बिना ही एफआईआर में दर्ज कर लिया जाता है और बाद में उन्हें घटना की कहानी समझा दी जाती है, लेकिन इसका नुकसान एक पक्ष को हो जाता है.
'नई धाराओं के बाद अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे घटना में स्वतंत्र व स्थानीय गवाह जुटाएं, ताकि केस मजबूत रहे' आईजी अरविंद सक्सेना #MPPolice pic.twitter.com/zooyJEh4CT
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) March 26, 2025
100 से अधिक मामलों में फर्जी गवाह बनाकर पेश किए गए एसपी कुशवाह
गौरतलब है थाने में फर्जी गवाह पेश करने के मामले में त्यागी नगर के एसपी कुशवाह एक बड़े नजीर बनकर सामने आए हैं, जिन्हें पुलिस 100 मामलों में अब तक फर्जी गवाह बनाकर कोर्ट में पेश कर चुकी है. इसके अलावा ऐसे और भी कई गवाह पुलिस के पास मौजूद हैं. इस फर्जीवाड़े का मकसंद सिर्फ पैसा कमाना होता है.
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जिले के हर थाने में होते हैं तय गवाह, सुविधा के अनुसार किए जाते हैं तैयार
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार हर थाने में कुछ तय गवाह रहते हैं और विवेचक अपनी सुविधा के अनुसार किसी को भी गवाह बना लेता है. रिपोर्ट कहती है कि इसके बाद आरोपी और पीड़ित से डील कर मोटी रकम वसूली जाती है. इसमें से 20 फीसदी तक हिस्सा गवाह को दिया जाता है.
जज के ड्राइवर को ही पुलिस ने 16 मामलों में गवाह बनाकर पेश किया
वहीं, एक मामले मे एक ऐसे युवक को पुलिस ने गवाह बना दिया जिसने बस थाने में अपनी स्कूटर पार्किंग की थी. हालांकि अब इनमे से एक भी मीडिया के सामने आने को तैयार नहीं हैं. ए मामले एक जज ड्राइवर को पुलिस ने 16 मामलों में गवाह बनाकर पेश कर दिया. तुर्रा यह है कि यह सब ग्वालियर जोन के आईजी अरविंद सक्सेना की जानकारी में हैं.
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आईजी सक्सेना ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती है, वो किसे गवाह बनाएं?
ग्वालियर जोन आईजी अरविंद सक्सेना ने कहा कि पुलिस के सामने चुनौती है, वो किसे गवाह बनाएं, क्योंकि लोग कोर्ट कचहरी के चक्कर में नहीं फंसना चाहते हैं. इसलिए पुलिस को स्वतंत्र गवाह बनाने पड़ते हैं. हालांकि नई भारतीय न्याय संहिता में अब हर मामले में रिकॉर्डिंग जरूरी है इसलिए इस पर नियंत्रण हो जाएगा.