
Dhan Ghotala in Madhya Pradesh:आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) भोपाल ने मैहर जिले की सेवा सहकारी समिति जरौहा, मनकीसर में हुए बड़े घोटाले का खुलासा किया है. इसमें समिति प्रबंधक दीपेन्द्र सिंह और डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल कुमार दहायत सहित अन्य संबंधितों पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं.
क्या है मामला?
ईओडब्ल्यू रीवा की निरीक्षक प्रियंका पाठक की ओर से की गई जांच में पाया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कुल 45,168.80 क्विंटल धान किसानों से खरीदी गई थी. इनमें से 31,471.57 क्विंटल धान मिलर्स को सप्लाई की गई, जबकि 4,115.09 क्विंटल धान वेयरहाउस में जमा की गई थी, लेकिन जब 5 मार्च को भौतिक सत्यापन किया गया, तो खरीदी केंद्र पर 5,582.14 क्विंटल धान कम पाई गई.
1.28 करोड़ का घोटाला
ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि इस गायब धान की अनुमानित कीमत 1.28 करोड़ रुपये (2300 रुपये प्रति क्विंटल) आंकी गई है. जांच में समिति प्रबंधक दीपेन्द्र सिंह और डेटा एंट्री ऑपरेटर अनिल कुमार दहायत की संलिप्तता सामने आई. इन पर पद का दुरुपयोग कर आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है.
भ्रष्टाचार का मामला दर्ज
ईओडब्ल्यू भोपाल ने दोनों आरोपियों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर आईपीसी की धारा 316(5), 318(4), 61(2)ए और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 सी, 13(1)ए,13(2) के तहत प्रकरण क्रमांक 77/2025 दर्ज कर लिया है. अब आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है. आशंका है कि इसमें और भी अधिकारी-कर्मचारी शामिल हो सकते हैं.
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