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This Article is From Jun 26, 2024

MP News: टीकमगढ़ के एक गांव में डायरिया का कहर, दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान खतरे में

Havoc of Diarrhea: टीकमगढ़ जिले से 7 किलोमीटर की दूरी पर बसे मिनोरा गांव के हजारों लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. क्योंकि पूरे गांव में उल्टी ओर दस्त से लोग पीड़ित हो गए हैं. जिसका कारण दूषित पानी पीना है.

MP News: टीकमगढ़ के एक गांव में डायरिया का कहर, दूषित पानी पीने से कई लोगों की जान खतरे में
Tikamgarh News: टीकमगढ़ के एक गांव में डायरिया का कहर

Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के टीकमगढ़ (Tikamgarh) जिले में दूषित पानी पीने से पूरा एक गांव डायरिया की चपेट में आ गया है. इस गांव के करीब 200 से ज्यादा लोग इसका शिकार हो गए हैं. जिनमें से 100 लोगों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है. यहां चार दिनों से लगातार डायरिया का तांडव जारी है. पूरा मिनोरा गांव जीवन से कर रहा संघर्ष करता हुआ दिख रहा है.

मिनोरा गांव में फैला डायरिया

टीकमगढ़ जिले से 7 किलोमीटर की दूरी पर बसे मिनोरा गांव के कई लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. क्योंकि पूरे गांव में उल्टी ओर दस्त से लोग पीड़ित हो गए हैं. जिसका कारण दूषित पानी पीना है. गांव में पीएचई विभाग की नल जल योजना से पूरे गांव को पानी सप्लाई किया जाता है. जो पानी काफी गन्दा और दूषित है. जिसे लोगों के घरों में नलों से सप्लाई किया जाता है. जिससे लोग बीमार हो रहे हैं. पानी की जो टंकी जिसमें पानी स्टोर के सप्लाई किया जाता वह भी काफी गंदी थी. जिसे एक साल से साफ नही किया गया था. वहीं नल जल योजना में जो पानी सप्लाई के वाल लगाए गए हैं वह भी जमीन में काफी नीचे लगे हैं जिससे गंदी नालियों का पानी उनसे मिल जाता है. और फिर यही पानी लोगों को पीना पड़ता है. जिसके कारण डायरिया जैसी बीमारी फैल जाती है.

मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है

बताया जा रहा है कि लगातार चार दिनों से मरीज कम होने की बजाए बढ़ते ही जा रहे हैं. मरीजों के लिए गांव के आंगनवाड़ी केंद्र में अस्थाई अस्पताल बनाकर प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है.और जो गम्भीर मरीज होते हैं उनको जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही डेरा डाले हुए है. लोगों को घर - घर जाकर दवाइयां बांटी जा रही हैं. इसमें सबसे बढ़ी लापरवाही पीएचई विभाग और ग्राम पंचायत की सामने आई है. सवाल ये खड़ा होता है कि जब उनको पता था कि पानी की टंकी गंदी है और पाइप लाइन फूटी हुई है तो उसे समय रहते दुरुस्त क्यों नहीं करवाया गया. इनकी गलती पूरा गांव भुगत रहा हैं.

कलेक्टर ने अधिकारियों की ली क्लास

इस घटना के बाग अधिकारियों रोज इस गांव का निरीक्षण करने में जुटे हुए हैं और गांव में सफाई करवा रहे हैं. जिससे संक्रमण कम हो. मगर मरीजों का लगातार बढ़ता एक चिंता का विषय है. आखिर मरीज उपचार के बाद भी कम क्यों नहीं हो रहे हैं. गांव के लोगों को आज भी साफ पानी नहीं मिल पा रहा है. कुछ मरीज काफी गंभीर बताए जा रहे हैं. इस मामले को लेकर टीकमगढ़ कलेक्टर अवधेश कुमार शर्मा ने सभी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. उन्होनें कहा कि इस मामले में दोषी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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