Dhar Bhojshala Case: धार के भोजशाला मामले में आज यानी 6 अप्रैल से मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में नियमित सुनवाई होगी. भोजशाला का मामला लंबे समय से संवेदनशील बना हुआ है. नियमित सुनवाई की तिथि तय होने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है. 98 दिनों के वैज्ञानिक परीक्षण के बाद पुरातात्विक साक्ष्यों पर जिरह होगी. कलाकृतियों और शिलालेखों को एएसआई (ASI) ने अपनी रिपोर्ट का हिस्सा बनाया है.
जजों ने खुद जाकर स्थल का किया था निरीक्षण
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जजों ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए खुद जाकर स्थल का निरीक्षण भी किया था. इंदौर खंडपीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी धार पहुंचे और करीब 55 मिनट तक भोजशाला परिसर का जायजा लिया. यह निरीक्षण काफी अहम माना जा रहा है.
यह हैं विवाद की वजह
इस विवाद की जड़ काफी पुरानी है. हिंदू समुदाय इस जगह को मां वाग्देवी यानी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है. यही वजह है कि यह मामला सालों से चला आ रहा है और अभी तक इसका कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया है.
पांच याचिकाएं लंबित, दोनों पक्षों ने रखी आपत्तियां
फिलहाल इस पूरे मामले में कुल पांच याचिकाएं चल रही हैं. मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि पिछली सुनवाई में भी मुख्य याचिका संख्या 10497, जो हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर की गई है, उस पर आपत्तियां जताई गई थीं. उनका कहना है कि याचिका में पेश दस्तावेज और रिपोर्ट सभी तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.
कोर्ट में चलेगा सर्वे का वीडियो
2 अप्रैल को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित वीडियो कोर्ट में चलाया जाएगा, ताकि सभी पक्ष उसकी सत्यता पर अपनी बात रख सकें.