भोपाल पुलिस ने ऑपरेशन 'FACE' (फेशियल ऑथेंटिकेशन कम्प्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत "फर्जी सिम कार्ड" के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. अब तक की जांच में सामने आया कि प्रदेश के 28 जिलों में 36,668 फर्जी सिमें एक्टिव हैं. ग्वालियर चंबल संभाग में 11,138 फर्जी सिम एक्टिव हैं. वहीं, छतरपुर जिलें में 856 मामले सामने आए हैं और इन फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर आबराधिक गतिविधियों में किया गया होगा. छतरपुर पुलिस ने "फर्जी सिम" मामले में 10 से अधिक मामले दर्ज किए हैं.
"फर्जी सिम कार्ड" के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद ग्वालियर की थाना झांसी रोड पुलिस ने आइडिया कंपनी के एजेंट उमेश कुशवाहा और उसके साथी आशीष नागर के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आशीष को पुलिस ने गिरफ्तार कर 7 फर्जी सिम बरामद की हैं, जबकि उमेश फरार है.
एक ही व्यक्ति के आधार पर सैंकड़ों सिमें जारी की
वहीं, राज्य साइबर की ग्वालियर विंग ने दो मामले दर्ज किए हैं. शॉप संचालक ने एक ही व्यक्ति के आधार कार्ड और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड जारी कर किए हैं. पुलिस को आशंका है कि इन फर्जी सिमों का इस्तेमाल साइबर क्राइम में हुआ है. इस नेटवर्क के खुलासे के बाद कई साइबर फ्रॉड के मामलों का भी खुलासा हो सकता है.
मध्य प्रदेश में ये है फर्जी सिम बेचने के आंकड़े
अनूपपुर में 1701, बालाघाट में 450, बैतूल में 151, भोपाल में 1651, छतरपुर 856, देवास 171, होशंगाबाद 260 इंदौर 387 जबलपुर 430, झाबुआ 179, कटनी 1307, खरगोन 334, मंदसौर 105, नरसिंहपुर 1307, रायसेन 315, राजगढ 315, राजगढ 2568, सागर 1204, सीहोर 32, शहडोल 268, सिंगरौली 1958, टीकमगढ 224, उज्जैन 501 और विदिशा 1245 के अलावा ग्वालियर 463, गुना 3670, भिंड 2341, दतिया 1950 और मुरैना में 2714 सिम अब तक बेची गईं.
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