Bhind Hailstorm: भिंड जिले में अचानक बदले मौसम ने व्यापक तबाही मचा दी. तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया. कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जबकि खेतों में ओलों की मोटी परत बिछ गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हो गए. इस आफत से दो लोगों की मौत हो गई है. वहीं पार्षद महिला सहित आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं.
किसान की मौत से गांव में मातम
लहार क्षेत्र के मढ़ी जेतपुरा गांव में दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां किसान संजय सिंह राजावत की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि वे बारिश और ओलावृष्टि से बचने के लिए नीम के पेड़ के नीचे खड़े थे. इसी दौरान अचानक हादसा हो गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. यह घटना रौंन थाना क्षेत्र की है. घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

बाइक सवार युवक पर गिरा पेड़
दीवार गिरने से मासूम की जान गई, कई घायल
मौ क्षेत्र में तेज आंधी-बारिश के चलते एक मकान की दीवार भरभराकर गिर गई. इस हादसे में 9 साल की बच्ची रागिनी यादव की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए. घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
मिहोना में बड़ा हादसा टला, पार्षद घायल
मिहोना क्षेत्र में आंधी के दौरान एक बड़ा पेड़ मकान पर गिर गया. गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया, लेकिन पेड़ गिरने से दीवार ढह गई, जिसकी चपेट में आने से वार्ड क्रमांक 2 की पार्षद पूजा कुशवाह घायल हो गईं. उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. जहां उनका इलाज चल रहा है.

पेड़ गिरने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त.
पेड़ गिरने से कई जगह नुकसान
मछण्ड गांव में भी तेज आंधी के चलते एक नीम का पेड़ अचानक गिर पड़ा. इस दौरान वहां से गुजर रहा एक बाइक सवार युवक बाल-बाल बच गया. युवक दुकान से अपने घर लौट रहा था. इसके अलावा एक अन्य स्थान पर खड़ी कार पर पेड़ गिरने से वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
सड़कों पर जलभराव, जनजीवन प्रभावित
तेज हवाओं का असर बुनियादी ढांचे पर भी देखने को मिला. एक मोबाइल टावर झुक गया, जिससे क्षेत्र में नेटवर्क सेवाएं बाधित होने की आशंका है. वहीं बिजली का खंभा गिरकर एक फल विक्रेता के ठेले पर जा गिरा. हालांकि विक्रेता समय रहते हट गया, जिससे उसकी जान बच गई. भारी बारिश के चलते कई जगहों पर जलभराव की स्थिति बन गई. सड़कों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

आंधी के चलते मोबाइल टावर झुक गया.
किसानों पर सबसे ज्यादा मार
इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है. खेतों में खड़ी पकी फसल पूरी तरह बिछ गई, जबकि कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी बारिश और ओलावृष्टि से नष्ट हो गई. किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है.

बारिश और ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई.
प्रशासन से राहत की उम्मीद
घटनाओं के बाद प्रभावित ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से तत्काल सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है. उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासनिक टीम जल्द ही प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का आंकलन करेगी और पीड़ितों को राहत प्रदान की जाएगी. वहीं प्रशासन ने मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं के पास खड़े न होने की सलाह दी गई है, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. इतना ही नही भीषण आंधी से सड़क किनारे गिरे पेड़ को जेसीबी की मदद से हटाने का भी प्रयास किया, जिससे कोई हादसा न हो.
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