Modi Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने रेल मंत्रालय की लगभग 9,072 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे लाइनों की संख्या बढ़ाने संबंधी तीन परियोजनाओं को स्वीकृति दी है. इनमें गोंदिया-जबलपुर लाइन दोहरीकरण, पुनारख-किऊल तीसरी और चौथी लाइन, गम्हरिया-चांडिल तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं. महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के 8 जिलों में व्याप्त इन तीन परियोजनाओं से भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी. प्रस्तावित मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना से लगभग 5,407 गांवों में संपर्क में सुधार होगा, जिनकी आबादी लगभग 98 लाख है.
जबलपुर से गोंदिया बहुत ही महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। यह 231 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना में लगभग 5236 करोड़ रुपये का निवेश होगा : माननीय रेल मंत्री श्री @AshwiniVaishnaw जी #NayiPatriNayiRaftaar #CabinetDecisions pic.twitter.com/eYKvdNjD6R
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) February 24, 2026
जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी: CM मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की स्वीकृति महाकौशल सहित पूरे मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी सौगात है. इस परियोजना से नक्सल समस्या से मुक्त हो चुके बालाघाट जिले के साथ जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे व्यापार, व्यवसाय और पर्यटन को नई गति मिलेगी. मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय मंत्री मंडल का आभार व्यक्त किया.
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी महाकौशल सहित प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन भी बढ़ेगा।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 24, 2026
इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए… pic.twitter.com/rWFCWFFcDi
सेवातीर्थ में पहली कैबिनेट बैठक में मिली मंजूरी
सेवातीर्थ में आयोजित केंद्र सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण को आधिकारिक मंजूरी दी गई. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को रामायण सर्किट से लेकर उत्तर से दक्षिण भारत तक की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाला एक अहम कॉरिडोर बताया. उन्होंने कहा कि इस दोहरीकरण का सर्वाधिक लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले को मिलेगा.
5236 करोड़ रुपये की लागत, रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने इस रेल लाइन दोहरीकरण के लिए 5236 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. सरकार का कहना है कि निर्माण पूरा होने के बाद प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
231 किमी मार्ग पर 5 साल में पूरा होगा काम
करीब 231 किलोमीटर लंबी गोंदिया–जबलपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य पांच वर्ष में पूरा किए जाने का लक्ष्य है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के गोंदिया तथा मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा.
वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान
रेल मार्ग पर आने वाले वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रुपये अंडरपास और फेंसिंग पर व्यय किए जाएंगे. इसके साथ ही नर्मदा नदी पर एक बड़े ब्रिज सहित कई मेजर और माइनर ब्रिज भी तैयार किए जाएंगे, जो रेलवे संरचना को और अधिक मजबूत बनाएंगे.
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