मध्यप्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर राज्य सरकार ने मुहर लगा दी है. राजधानी भोपाल में 5 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के लिए कुल 38 हजार 555 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां दी गईं. इन निर्णयों का दायरा बुनियादी ढांचे से लेकर कृषि आत्मनिर्भरता, महिला-बाल कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, सड़क निर्माण और व्यापारियों के हितों तक फैला हुआ है. कैबिनेट ने व्यापारियों के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी, तो वहीं किसानों के लिए ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन' को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. इसके अलावा 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए सड़कों, आवास, आंगनवाड़ी भवनों और आईटी सेक्टर में बड़े निवेश को स्वीकृति देकर सरकार ने आने वाले वर्षों के विकास का रोडमैप स्पष्ट कर दिया है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में जनकल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #CabinetDecisionsMP #CabinetMP pic.twitter.com/IHyuXLWAxL
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38 हजार 555 करोड़ रुपये की विकास स्वीकृतियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को मजबूत करना है. इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों की योजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है. इन स्वीकृतियों में सड़क निर्माण, कृषि, बाल संरक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी, आवास अनुरक्षण और व्यापारिक संरचना जैसे अहम क्षेत्र शामिल हैं.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर देश में दलहन उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए ‘दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में आगामी 5 वर्षों के लिए ₹2,442 करोड़ की राशि को कैबिनेट द्वारा स्वीकृति दी गई है।… pic.twitter.com/mkjSlbEfSE
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दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन को बड़ी मंजूरी
कैबिनेट ने “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” की आगामी पांच वर्षों तक निरंतरता के लिए 2442 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है. यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन से पृथक कर 11 अक्टूबर 2025 को शुरू किया गया था. इस योजना का मुख्य उद्देश्य दलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि, क्षेत्रफल का विस्तार और किसानों को जलवायु-अनुकूल उन्नत बीज उपलब्ध कराना है. योजना के तहत प्रजनन बीज, बीज उत्पादन, वितरण, प्रदर्शन और प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी. इसके साथ ही कटाई के बाद प्रसंस्करण, भंडारण और पैकेजिंग से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित किया जाएगा. कैबिनेट ने इस मिशन के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियम और दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को सौंपा है. सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और प्रदेश दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा.
सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32,405 करोड़
राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 32 हजार 405 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इसके तहत 16वें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) में सड़क-सेतु संधारण योजना के लिए 6150 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसके अलावा एफ-टाइप और उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए 1345 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. ग्रामीण सड़कों और अन्य जिला मार्गों के निर्माण व उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रुपये का अनुमोदन दिया गया है. साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए भी 610 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.
मध्यप्रदेश में सोलर एनर्जी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। इंदौर नगर निगम द्वारा जलूद में स्थापित सोलर पावर प्लांट निजी भागीदारी से विकास कार्यो का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस तरह की योजनाओं को निरंतर प्रोत्साहित किया जाएगा।
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आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को 1295 करोड़ की सौगात
कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौद्योगिकी योजनाओं के संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रुपये मंजूर किए हैं. इसके तहत आरसीबीसी, डीईजीएस और एनआईसी जैसे संस्थानों के 2026-2031 तक संचालन के लिए 244 करोड़ 20 लाख रुपये स्वीकृत किए गए. ई-दक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को आईटी एवं ई-गवर्नेंस का प्रशिक्षण दिया जाएगा. भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित करने के लिए 225 करोड़ 32 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है. साथ ही आईटी निवेश प्रोत्साहन योजना की निरंतरता के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं.
आंगनवाड़ी और मिशन वात्सल्य को 2412 करोड़
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों और समेकित बाल संरक्षण योजना मिशन वात्सल्य के लिए 2412 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इस राशि से 1500 नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए 1800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा मिशन वात्सल्य के संचालन के लिए 606 करोड़ 68 लाख रुपये, जबकि स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए 5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों को पोषण, शिक्षा, आश्रय और संरक्षण देना है.
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश के व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण, उनके सर्वांगीण विकास और समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु "राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड" तथा जिला स्तरीय समितियों के गठन को मंजूरी दी है। राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।
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व्यापारियों के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड
कैबिनेट का एक अहम निर्णय राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड (STWB) के गठन से जुड़ा है. इस बोर्ड का उद्देश्य व्यापारियों के हितों का संरक्षण, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और सरकार के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है. बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे, जबकि MSME मंत्री सदस्य होंगे. इसके साथ ही नीति आयोग, RBI, NABARD, NHAI और FSSAI जैसे राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी इसमें शामिल किए गए हैं. जिला स्तर पर भी समितियों का गठन किया जाएगा, जो हर माह बैठक कर व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा करेंगी.
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