Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही ने बड़ा हादसा करा दिया. देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आरटीओ बैरियर के पास तेज गति से आ रही एक मिनी बस ने हाइवे किनारे खड़े ट्रक में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई.
जानकारी के अनुसार मिनी बस भिंड के फूप क्षेत्र से मुरैना जिले की पोरसा तहसील की ओर जा रही थी. बस में सवार सभी यात्री एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं, जो फूप में बेटी के बच्चे की खुशी में आयोजित पछ कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रहे थे. जैसे ही बस आरटीओ बैरियर के पास पहुंची, तभी चालक ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी.
हादसे में बस में सवार 9 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और एक बच्चा भी शामिल है. घायलों में 42 वर्षीय ममता, 8 वर्षीय छबि, 42 वर्षीय गुड्डी, 19 वर्षीय सोनम, 65 वर्षीय बसंत, 50 वर्षीय टुंडे, 70 वर्षीय आशाराम, 55 वर्षीय हेवन और 75 वर्षीय झुग्गी लाल हैं. टक्कर के बाद बस के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और कई यात्री सीटों से उछलकर घायल हो गए.
बस में सवार घायल यात्रियों ने बताया कि बस चालक शराब के नशे में था और वाहन को हाइवे पर लहराते हुए तेज रफ्तार में चला रहा था. बस को किसी और से चलाने के लिए बोला. लेकिन वह नहीं माना. इसी लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ. दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी.सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया. सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल भिंड भेजा गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है. डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर बताई जा रही है, हालांकि कुछ को गंभीर चोटें आई हैं.
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बस को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. चालक के नशे में होने की पुष्टि के लिए मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है।.पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह हादसा एक बार फिर हाइवे पर खड़े वाहनों, तेज रफ्तार और नशे में ड्राइविंग की गंभीर समस्या को उजागर करता है, जिससे आए दिन निर्दोष लोगों की जान खतरे में पड़ रही है.
ये भी पढ़ें धोखेबाजी से आरक्षक बने दोषी को कोर्ट ने सुनाई दो साल की सजा, हिंदी तक नहीं लिख पाया आरोपी, ऐसे हुआ खुलासा?