UPSC Success Story: सपने उन्हीं के सच होते हैं जिनके हौसलों में जुनून और जज्बा होता है. लगातार UPSC में अपनी किस्मत आजमा रही समीक्षा द्विवेदी ने भी इसे जज्बे और जिद से आखिरकार चौथे अटेम्प्ट में सफलता हासिल की. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के डगडौआ गांव की रहने वाली समीक्षा ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक सिविल सेवा परीक्षा UPSC 2026 में 56वीं रैंक हासिल कर अपना ही नहीं अपने परिवार का सपना भी साकार किया है.
दरसअल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित किए. मऊगंज जिले की समीक्षा द्विवेदी ने UPSC 2025 (UPSC Civil Services Examination 2025) में 56वीं रैंक हासिल की है. उनके माता-पिता का सुनीता द्विवेदी और श्रीनिवास द्विवेदी हैं. पिता मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MP Pollution Control Board) में रीजनल ऑफिसर के पद पर भोपाल में पदस्थ हैं. समीक्षा की स्कूली शिक्षा इंदौर से हुई है. इसके बाद उन्होंने बी.टेक एसआरएम यूनिवर्सिटी, कट्टनकुलाथुर (SRM University, Kattankulathur, Chennai) से किया. इसके बाद करीब दो साल तक सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में काम किया. फिर नौकरी छोड़कर आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से एमबीए किया.
2021 में शुरू की थी UPSC Preparation
सफलता नहीं मिली तो जॉब के साथ की UPSC की तैयारी
लगातार तीन असफलता के बाद समीक्षा ने दोबारा अपनी तैयारी शुरू की. 2024 में रणनीति में कुछ बदलाव किए, जो काम नहीं कर पाए. फिर 2025 में नई रणनीति के साथ तैयारी शुरू की. उन्होंने तय किया कि अब जॉब (Job with Preparation) के साथ यूपीएससी की तैयारी करेंगी. इसी दौरान उन्हें कैनरा बैंक (Canara Bank) में आईबीपीएस पीओ (IBPS PO) की नौकरी मिल गई.
पढ़ाई के घंटे कभी तय नहीं किए
इसी बीच समीक्षा की शादी हो गई थी. समीक्षा बताती हैं कि उनके पति और ससुराल वाले काफी सहयोगी रहे. उन्होंने मेरी तैयारी के दौरान कई साल तक शादी के लिए इंतजार किया. इंटरव्यू के समय भी उन्हें पूरा सहयोग दिया. समीक्षा बताती हैं उन्होंने पढ़ाई के लिए घंटे तय नहीं किए थे. वे अपने दिन को अलग-अलग हिस्सों में बांटती थी. सुबह करंट अफेयर्स (Current Affairs Study) पर ध्यान देती थी. टेस्ट सीरीज (Test Series Practice) देती थी और उसका इवैल्यूएशन (Test Evaluation) भी करती थी. दिन के अंत में स्टैटिक सब्जेक्ट्स का रिवीजन (Static Subjects Revision) करती थी.
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समीक्षा ने बताया सफलता का मंत्र
गांव में जश्न का माहौल
समीक्षा द्विवेदी की इस शानदार उपलब्धि पर गांव से लेकर शहर तक लोग गर्व महसूस कर रहे हैं. समीक्षा ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर जिले का नाम रोशन किया है. परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों की ओर से समीक्षा को लगातार बधाइयां दी जा रही है. गांव में जश्न का माहौल है. समीक्षा द्विवेदी की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करते हैं.