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This Article is From Aug 06, 2023

सिंगा जी थर्मल पावर के रिजर्व वायर में डूबने से मजदूर की मौत, मुआवजे के लिए किया प्रदर्शन

परियोजना के तालाब में मजदूर कृष्णपाल सोलंकी की डूबने से मौत होने के बाद मजदूरों ने मुआवजा देने की मांग को लेकर देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया.

सिंगा जी थर्मल पावर के रिजर्व वायर में डूबने से मजदूर की मौत, मुआवजे के लिए किया प्रदर्शन
मजदूरों ने शव को गेट पर रख देर रात तक प्रदर्शन किया

खंडवा: मध्यप्रदेश के खंडवा में संत सिंगाजी ताप परियोजना के फेस-1 के रिजर्व वायर (तालाब) में एक मजदूर की डूबने से मौत हो गई. वह शनिवार दोपहर 12 बजे से लापता था. उसके साथी उसे ढूंढ रहे थे. शाम को तालाब की सतह पर पेन तैरता दिखा जो मजदूर का था. इससे आशंका हुई कि वह पानी में डूबा हुआ है. सूचना पर पहुंची बीड़ पुलिस की टीम से प्रधान आरक्षक लोकेंद्र मीणा ने तालाब में डुबकी लगाई तो मजदूर पानी में फैली पौधों की जड़ों में फंसा मिला. शाम करीब 7 बजे शव बाहर निकाला जा सका. मृतक मजदूर को उचित मुआवजा मिले इसके लिए साथी मजदूरों ने प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि 10 लाख रुपए मुआवजा दिया जाए. लेकिन कंपनी सिर्फ 1 लाख ही मुआवजा दे रही थी. ऐसे में मजदूरों ने शव को गेट पर रख देर रात तक प्रदर्शन किया..

साथियों ने बताया वह दोपहर 12 बजे शौच जाने का कहकर गया था. काफी देर तक नहीं लौटने पर आस-पास तलाश की गई. नहीं मिलने पर परियोजना के सुरक्षा अधिकारी आरके मिश्रा को सूचना दी गई. उन्होंने भी टीम के साथ तलाश की. जब व्यक्ति नहीं मिला तो दोपहर 2 बजे बीड़ पुलिस चौकी को सूचना दी गई. चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय टीम के साथ परियोजना पहुंचे. जब तक उसके तालाब में डूबने की आशंका गहरा गई थी.

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मजदूर की मौत

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गेट पर रखा शव, नहीं हुई सुनवाई
परियोजना के तालाब में मजदूर कृष्णपाल सोलंकी की डूबने से मौत होने के बाद मजदूरों ने मुआवजा देने की मांग को लेकर देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया. मजदूर का शव शाम 7 बजे निकाल लिया गया था. परिजन शव एंबुलेंस से ले जा रहे थे, लेकिन मजदूरों ने परियोजना के मुख्य गेट पर रोककर मुआवजे की मांग की. इस बीच भाजपा और कांग्रेस के नेता भी पहुंचे. रात 8.30 बजे एडमिन बिल्डिंग मुख्य अभियंता के साथ ब्रिटिश इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सुपरवाइजर समेत सेफ्टी अधिकारी भी मौजूद रहे.

मजदूर का बीमा और पीएफ समेत अन्य राशि मिलाकर 10 लाख रुपए के करीब बन रहा है. लेकिन ठेकेदार की तरफ से मजदूर को सिर्फ 1 लाख देने की बात कही गई, जिस पर मजदूर भड़क गए और मेन गेट पर धरना प्रदर्शन विरोध करने लगे. रात करीब 11:00 बजे तक परियोजना के मुख्य गेट पर किसी को आने-जाने नहीं दिया गया. परियोजना के मुख्य अभियंता आर पी पांडे, बीड़ चौकी प्रभारी, राधेश्याम मालवीय अपने बल के साथ मौजूद रहे.

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बंद किया मेन गेट
अक्सर मजदूर की मौत पर परियोजना में सैकड़ों मजदूर एकत्रित हो जाते हैं और प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग करते हैं. कृष्णपाल सिंह के परिजन भी सूचना मिलते ही परियोजना पहुंच गए. अफसरों को आशंका हुई कि और भी ग्रामीण और मजदूर यहां आ सकते हैं. इसी आशंका में परियोजना का मेन गेट बंद कर किसी को भी प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए गए. परिजन ने बताया कृष्णपाल ने एक दिन पहले ही बेटी का जन्मदिन मनाया था.
 

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