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Waqf Amendment Bill: लोकसभा में पेश हुआ वक्फ बिल, अगले 8 घंटों तक होगी पक्ष-विपक्ष की चर्चा

Waqf Amendment Bill in Lok Sabha: कई दिनों से चर्चा का विषय रही वक्फ बिल लोकसभा में पेश हो गई है. इसको लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगभग 8 घंटे से भी ज्यादा समय तक चर्चा होगी. उसके बाद इसको पास करने को लेकर फैसला किया जाएगा. आइए आपको इसके बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं.

Waqf Amendment Bill: लोकसभा में पेश हुआ वक्फ बिल, अगले 8 घंटों तक होगी पक्ष-विपक्ष की चर्चा
लोक सभा में पेश किया गया वक्फ बिल

Waqf Amendment Bill News: भारत में कई दिनों से चर्चा का विषय बनी वक्फ विधेयक (Waqf Amendment) को आज लोकसभा (Lok Sabha) में पेश कर दिया गया. बिल के लोकसभा में पेश होते ही विपक्ष ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी. ओवैसी और केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए. इसपर गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने उठकर जवाब दिया और कहा कि कांग्रेस की कमिटियां बस ठप्पा लगाती थीं. अब सदन में बिल पर चर्चा चल रही है. इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) संसद भवन पहुंचे. वक्फ बिल को लेकर सदन में घमासान होना तय माना जा रहा है.

विपक्ष ने बोला हमला

वक्फ बिल के पेश होने के बाद विपक्ष हमलावर नजर आ रहा है. केरल सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने नियमों को हवाला देते हुए सवाल उठाते हुए कहा क्या बिल में संयुक्त संसदीय समिति को नए प्रावधान जोड़ने का अधिकार है. ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ पसर्नल बोर्ड पहले ही इस पर अपनी नाराजगी जाहिर कर चुका है. वक्फ संशोधन बिल के पेश करने पर केसी वेणुगोपाल ने सवाल उठाया. इस पर स्पीकर बिरला ने कहा कि सभी गैर सरकारी और सरकारी संशोधन प्रस्ताव, दोनों को बराबर का समय दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों में कोई भेदभाव नहीं किया गया है.

किरेन रिजिजू ने दी जानकारी

बिल पेश करते समय केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2013 में वक्फ में ऐसे बदलाव किए गए, जिससे यह बदलाव जरूरी हो गया था. उन्होंने कहा कि वक्फ में तत्कालीन यूपीए सरकार ने ऐसे बदलाव किए कि मौजूदा संसद तक पर वक्फ ने दावा किया था. अगर मोदी सरकार न आती, तो बहुत संभव है कि डिनोटिफाई की गई बाकी संपत्तियों की तरह संसद की यह भूमि भी होती.

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वक्फ बोर्ड से जुड़ी खास बातें

किरेन रिजिजू ने जानकारी दी कि साल 2013 में बदलाव हुआ कि देश में कोई भी आदमी चाहे वह किसी भी धर्म का हो वक्फ क्रिएट कर सकता है. उसमें बदलाव कर कोई भी वक्फ का प्रावधान उस समय यूपीए सरकार ने किया. शिया बोर्ड में शिया और सुन्नी बोर्ड में सुन्नी ही रहेंगे. बोर्ड में उसकी के लोग रहेंगे यह प्रावधान किया गया. प्रावधान लगाया गया कि वक्फ का प्रावधान देश के ऊपर किसी भी कानून से ऊपर रहेगा. देश में ऐसा कैसे चल सकता है.

2013 में यह बिल जबरन पास करवाया गया. यूपीए सरकार ने 123 प्रॉपर्टी इस सदन को भी वक्फ क्रिएट कर 1970 में दिल्ली के अंदर केस चल रहा था. इन प्रावधानों के बाद दिल्ली वक्फ बोर्ड ने दिल्ली की 123 प्रॉपर्टी पर दावा किया. यूपीए सरकार ने डिनोटिफाइ कर उसे वक्फ को दे दी.

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