
Bilaspur Dhan Kharidi Kendra: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर जिले सहित प्रदेश भर में 14 नवंबर से धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. लेकिन, कई धान खरीदी केंद्रों (Paddy Procurement Centre) में अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर नहीं किया जा सका है. मजबूरन, समिति प्रबंधक आधी-अधूरी व्यवस्था के बीच धान खरीदी कर रहे हैं. उपार्जन केंद्रों की बात की जाए, तो जिले में कुल 114 सेवा सहकारी समिति और 140 उपार्जन केंद्र हैं. लेकिन, समितियों में सारी जरूरी व्यवस्था की बात की जाए, तो अभी भी बड़ी संख्या में सेवा सहकारी समितियों में अव्यवस्था का आलम पसरा हुआ है.
100 साल पुराने केंद्र पर नहीं है कोई शेड
आपको जानकर हैरानी होगी कि बिलासपुर शहर से लगे सेवा सहकारी समिति सरकण्डा 100 साल पुरानी समिति होने के बावजूद यहां अब तक सेड और चबूतरा नहीं बनाया गया है. इसके अलावा, कई मूलभूत सुविधाओं की यहां कमी है. जिले में लगभग 20 से ज्यादा ऐसे धान खरीदी केंद्र हैं, जहां न तो सेड बना है और ना ही चबूतरा है. इन समितियों में धान की बोरियों को जमीन पर रखा जा रहा है.

किसानों को हो रही बहुत परेशानी
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समिति प्रबंधकों के लिए बना जी का जंजाल
बेमौसम बारिश और देरी से धान का उठाव होना समिति प्रबंधकों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है. सरकार की लचर व्यवस्था से धान के खराब होने की संभावना बनी रहती है. अंत में सरकार के आदेश के बाद किसानों से धान की खरीदी करने वाले प्रबंधकों को धान की भरपाई करनी पड़ती है.
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