MP-Chhattisgarh Weather Alert: मध्य प्रदेश के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है. गर्मी के तीखे तेवर के बीच कई जिलों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है. नर्मदापुरम में दिन के तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. रविवार को यहां का तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि इससे पहले शनिवार को यहां का पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.
कमजोर पड़ा सिस्टम
इस बीच मध्य प्रदेश में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सिस्टम का असर भी दिख रहा है. रविवार को ग्वालियर-चंबल में बदल छाए रहे. यहां का पारा भी लुढ़का... हालांकि सिस्टम कमजोर पड़ गया है, लेकिन दो दिन और असर रहेगा. वहीं 17 मार्च को नया सिस्टम एक्टिव होगा.
नर्मदापुरम में पारा लुढ़का
नर्मदापुरम में पारा लुढ़क गया है. यहां दिन के तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है. हालांकि रविवार को नर्मदापुरम सबसे गर्म रहा. यहां तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं नरसिंहपुर, रायसेन, छतरपुर समेत आधा दर्जन जिलों में पारा 38 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है.
खरगोन में तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस, खजुराहो में 38.4 डिग्री सेल्सियस, रायसेन और नरसिंहपुर में 38.0
डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 37.6 डिग्री सेल्सियस, मंडला में 37.2 डिग्री सेल्सियस, दमोह और सतना में 37 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
बता दें कि राजधानी भोपाल में तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 35.5 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 32.6 डिग्री सेल्सियस, जबलपुर तापमान में 35.7 डिग्री सेल्सियस और उज्जैन में तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
छत्तीसगढ़ में पारा 40 डिग्री के पार पहुंचा
इधर, छत्तीसगढ़ में मार्च महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. दिन में तेज धूप के चलते सड़कें सूनी होने लगी. प्रदेश का सबसे गर्म शहर राजनांदगांव रहा. यहां दिन में तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया. हालांकि अगले एक दो दिनों में प्रदेश में अंधड़ के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग की माने तो आज रायपुर का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
ये भी पढ़ें: सागर में आग से 10 एकड़ फसल जली, 2 घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, धार में 25 बीघा गेहूं जलकर खाक