Drive Against Encroachment: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मंगलवार को प्रशासन ने अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कुल 22 अवैध घरों पर बुलडोजर चलवा दिए. बुलडोजर कार्रवाई से पहले वहां रहे परिवारों ने प्रशासन से कार्रवाई रोकने के लिए हाथ जोड़े और मिन्नतें की, लेकिन प्रशासन ने एक नहीं सुनी और अवैध मकानों पर बुलडोजर चलवाकर शासकीय जमीन को मुक्त करवा लिया.
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एक्शन के खिलाफ पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया गया
मामला अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरछेडी से जुड़ा है, जहां अवैध अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही की गई. मंगलवार को हुए बुलडोजर एक्शन के दौरान अवैध कब्जा करने वाले परिवारों ने हाथ-पैर जोड़े, लेकिन बुलडोजर एक्शन नहीं रूका. एक परिवार ने एक्शन के खिलाफ शरीर पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास भी किया, लेकिन प्रशासन ने मामले को समझा-बुझाकर शांत करवा दिया.
कई नोटिस देने के बाद मकान खाली करने को राजी नहीं थे लोग
रिपोर्ट के मुताबिक बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सोमवार देर शाम पिपरछेडी के क्षेत्रीय लोगों ने सरपंच के साथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन मंगलवार शाम 5 बजे कार्रवाई के लिए लाव-लश्कर के साथ पहुंची पुलिस और प्रशासन ने अतिक्रमण को ढहा दिया. बताया जाता है कि आरोपियों ने जमीनों पर अवैध कब्जा करके बाउंड्री वॉल बना लिया था और कई बार नोटिस देने के बावजूद खाली करने को राजी नहीं हुए थे.
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पीपरछेडी गांव में 22 अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई
बताया जाता है कि पीपरछेड़ी गांव में अवैध रूप से कब्जाए कुल 22 मकानों पर बुलडोजर चलाया गया, इसमें एक मकान सहित कई लोगों के बाउंड्री वॉल को बुलडोजर की मदद से तहस-नहस कर दिया गया. बुलडोजर एक्शन के दौरान मौके पर भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी को तैनात किया गया था ताकि अतिक्रमण के खिलाफ कार्यवाही कोई व्यवधान नहीं आए.
छलकते आंसुओं के बीच कार्रवाई रोकने की अपील करते रहे परिवार
उल्लेखनीय है अर्जुनी थाना पुलिस टीआई, तहसीलदार, नायब तहसीलदार की मौजूदगी में हुई बुलडोजर कार्रवाई की गई. नायब तहसीलदार ने बताया कि कई बार नोटिस भेजने के बाद भी अवैध कब्जाधारियों द्वारा कब्जा को नहीं हटाया गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई. वहीं, छलकते आंसुओं के बीच पीड़ित परिवारों का कहना है कि गुहार लगाते-लगाते वो थक गए, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी.
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