छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच नया विवाद सामने आया है. यहां बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचकर आरोप लगाए कि फार्म 7 का दुरुपयोग कर सुनियोजित तरीके से मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए फर्जी आवेदन दिए गए हैं. इस मामले को लेकर समाज में गहरी नाराजगी देखी जा रही है.
इस पूरे मामले पर आधारी नवागांव वार्ड के लोगों का कहना है कि करीब 150 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए तहसीलदार और बूथ लेवल अधिकारियों के पास आवेदन दिए गए हैं. आरोप है कि इन आवेदनों में जिन लोगों के हस्ताक्षर दर्शाए गए हैं. वे भी कथित रूप से फर्जी हैं. लोगों का कहना है कि बिना उचित जांच और सत्यापन के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है.
जिंदा बुजुर्ग महिला को मृत बताने का आरोप
सबसे चौंकाने वाला मामला नवागांव वार्ड की बुजुर्ग महिला बैतूल कौसर का बताया जा रहा है. आरोप है कि उन्हें मृत घोषित कर मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन दिया गया, जबकि वह जीवित हैं. इस घटना ने स्थानीय लोगों में रोष और अविश्वास की स्थिति पैदा कर दी है.
तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन
मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और जिन लोगों ने फर्जी आवेदन दिए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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इस मामले में अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी ने कहा कि उन्हें ज्ञापन प्राप्त हुआ है और शिकायत की जांच कराई जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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