Stamp Duty Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन 20 मार्च 2026 को विष्णु देव साय सरकार ने छत्तीसगढ़ उपकर संशोधन विधेयक 2026 पारित किया है. इसके लागू होने के बाद प्रदेश में जमीनों की रजिस्ट्री पर लगने वाला 12% उपकर समाप्त हो जाएगा. इस फैसले से राज्य की लगभग 3 करोड़ जनता को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा और सालाना करीब 150 करोड़ रुपये की राहत होगी.
राज्य सरकार ने लिया ऐतिहासिक फैसला
छत्तीसगढ़ में अब जमीन खरीदने या बेचने पर स्टांप शुल्क के अलावा 12% का अतिरिक्त उपकर नहीं लगेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है. इससे आम लोगों को रजिस्ट्री के दौरान बड़ी राहत मिलेगी और राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
पूर्ववर्ती सरकार ने क्यों लगाया था उपकर
12% उपकर पूर्ववर्ती सरकार ने राजीव गांधी युवा मितान क्लब योजना के लिए लगाया था. लेकिन इस योजना के तहत न तो सही पंजीकरण हुआ और न ही ऑडिट कराया गया.
विपक्ष ने उठाए सवाल
विधायकों ने विधेयक पर चर्चा के दौरान आरोप लगाए कि सरकारी खजाने से लगभग 52 करोड़ रुपये का उपयोग पारदर्शी तरीके से नहीं हुआ. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने संबंधित अधिकारियों से राशि की रिकवरी और जांच की मांग की.
विधेयक पारित, आम जनता को राहत
सदन में तीखी बहस के बाद आखिरकार विधेयक पारित कर दिया गया. अब आम आदमी को स्टांप शुल्क पर लगने वाले अतिरिक्त बोझ से राहत मिलेगी. इस कदम से सालाना 147 से 150 करोड़ रुपये तक की आर्थिक बचत आम जनता को मिल सकेगी.
भर्ती परीक्षाओं में नकल और गड़बड़ी रोकने के लिए नया कानून
राज्य सरकार ने “छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026” पारित कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.
क्या है इस विधेयक का उद्देश्य?
- सरकारी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और फर्जीवाड़ा रोकना
- परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना
- युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह के खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं की भूमिका “विकसित छत्तीसगढ़” के निर्माण में सबसे अहम है। पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए.
- सख्त कार्रवाई और नई व्यवस्था
- पीएससी घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई, कई आरोपी जेल में
- जांच के लिए CBI को जिम्मेदारी सौंपी गई
- प्रतियोगी परीक्षाओं में 100% पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दावा
- अब परीक्षाओं का नियमित शेड्यूल तय किया जाएगा
नए प्रावधान क्या कहते हैं?
- नकल गिरोह, पेपर लीक करने वालों पर कड़ी सजा
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल पर पूरी तरह रोक
- संगठित गिरोहों के हस्तक्षेप को खत्म करने के उपाय
कर्मचारी चयन मंडल पर फैसला
- छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल विधेयक भी सर्वसम्मति से पास
- मंडल में 1 अध्यक्ष और अधिकतम 3 सदस्य
- भर्ती प्रक्रिया एजेंसियों को सौंपने का अधिकार
छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र का आज अंतिम दिन: CGSSC के गठन विधेयक पर चर्चा, सदन में हंगामे के आसार