Vidisha Youth Murder Case: विदिशा की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में एक साधारण-सा विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया. मोहल्ले में घूमने को लेकर शुरू हुई छोटी-सी कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसा का रूप धारण कर लिया और 28 वर्षीय शुभम चौबे उर्फ नंदू की जान चली गई. इस घटना ने पूरे शहर को हिला दिया और समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर क्यों लोग मामूली बातों पर जान लेने और देने पर उतर आते हैं.
विवाद से हत्या तक
मामला 3 जनवरी की रात का है. शहर की इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में शुभम चौबे पर हमला हुआ. बताया जाता है कि विवाद के कुछ ही देर बाद करीब 11 युवकों ने उसे घेर लिया. चाकुओं से कई वार किए गए. भीड़भाड़ वाली कॉलोनी में किसी ने बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई. गंभीर रूप से घायल शुभम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कदम उठाए और 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों का जुलूस निकाला गया. इसी दौरान जनता का गुस्सा भड़क उठा और भीड़ ने आरोपियों पर हमला कर दिया. हालात बिगड़ते देख पुलिस को आरोपियों को दोबारा वाहन में बैठाना पड़ा. बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य चौराहे तक जुलूस निकाला गया.
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थाने का किया घेराव
गुस्से से भरी भीड़ यहीं शांत नहीं हुई. लोगों ने थाने का घेराव कर लिया. “फांसी दो… फांसी दो” के नारे गूंजने लगे. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. लंबे समझाइश के बाद पुलिस ने हालात काबू में किए और भीड़ को तितर-बितर किया.
परिजनों का विरोध
इससे पहले मृतक के परिजनों ने शुभम का शव रखकर चक्का जाम किया था. परिवार की मांग है कि आरोपियों को सिर्फ गिरफ्तार नहीं, बल्कि कड़ी से कड़ी सजा दी जाए. उनका कहना है कि भविष्य में कोई और शुभम ऐसी हिंसा का शिकार न बने. स्थानीय लोगों ने मृतक परिवार को आर्थिक मदद देने की बात कही. साथ ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की. लोगों का कहना है कि ऐसी सख्त कार्रवाई से ही अपराधियों में डर पैदा होगा.
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