
विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियां शुरु हो चुकी हैं. सभी पार्टियां चुनाव जीतने के लिए रणनीति बना रही है. बीजेपी सत्ता में दुबारा आने के लिए अलग-अलग स्ट्रेटजी पर काम कर रही है. पार्टी की सभी सीटों पर विश्लेषण कर रही है. देखा जाए तो चुनाव में अभी दो महीने का ही वक्त बचा है. तारीखों की घोषणा से पहले भाजपा अपनी सभी कमजोरियों को ढूंढ़कर विपक्ष को कड़ी चुनौती देने की तैयारी कर रही है. इसी कड़ी में पार्टी ने विधानसभावार प्लानिंग तैयार की है. भाजपा से टिकट के लिए दावेदारी करने वाले नेताओं की टोह लेने के लिए बाहर से पैनल बुलाया है. सतना जिले की सात विधानसभा सीटों पर उत्तर प्रदेश के सात विधायकों को जिम्मा सौंपा गया है. जो सात दिनों तक चरणबद्ध कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे और प्रदेश स्तरीय समन्वय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.
इसी रिपोर्ट के आधार पर केन्द्रीय टीम के समक्ष गुण-दोषों का अध्ययन कर टिकट दिए जाने की चर्चा है. यहां सबसे गौर करने योग्य बात यह भी है कि सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा से भाजपा ने टिकट फाइनल कर दी है. टिकट पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार को मिली है. फिर भी इस सीट पर भी भाजपा ने सर्वे टीम उतारी है. ऐसे में चर्चा इस बात की भी है कि यदि रिपोर्ट में कुछ ऊंच-नीच मिली तो यहां की टिकट में बदलाव भी किया जा सकता है.
तीसरे दिन भाजपा के शक्ति केन्द्र और बूथ स्तर के नेताओं से चर्चा की जाएगी. चौथे दिन विधानसभा के गांवों का भ्रमण रखा गया है, जहां आमजन से फीडबैक लिया जाएगा. पांचवें दिन जातिगत आधार पर प्रभावी लोगों के साथ चर्चा का प्लान तैयार किया गया है. छठवें दिन प्रोफेसनल्स के साथ मीटिंग होगी, जिसमें डॉक्टर, वकील, पत्रकार शामिल होंगे. अंतिम दिन यानी सातवें दिन पत्रकार वार्ता होगी और अपनी रिपोर्ट तैयार कर समन्वय समिति को भेजा जाएगा.
किसे कहां का प्रभार
चित्रकूट विधानसभा उत्तर प्रदेश के वाराणसी दक्षिणी शहर के विधायक नीलकंठ तिवारी के जिम्मे है. नागौद में एमएलसी डॉ रतन पाल सिंह, रैगांव सीट में श्रावस्ती के विधायक फेरन पाण्डेय, सतना सीट पर झांसी विधायक रवि वर्मा, मैहर में बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटिहार, अमरपाटन में सिसवा विधायक प्रेम सागर पटेल और रामपुर बाघेलान की जिम्मेदारी गौरा विधायक प्रभात कुमार वर्मा को दी गई है. सोमवार से सभी लोग अपने अभियान में जुट गए हैं.