Ujjain Land Allotment Controversy: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की खाचरोद तहसील में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां नया जनपद कार्यालय बनाने के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव से भूमि पूजन तो करवा लिया गया, लेकिन जिस जमीन पर भवन बनना है उसका आवंटन ही नहीं हुआ. इस पूरे मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जनपद अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह पंवार ने इस पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायत की है.
जनपद भवन निर्माण की योजना
जनपद अध्यक्ष पंवार ने बताया कि जनपद कार्यालय का नया भवन बनना है. इसके लिए शासन ने 5.25 करोड़ रुपए मंजूर किए और निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी विभाग) को दी गई. इसके बाद 2 जनवरी को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनपद की शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 984 पर भूमि पूजन किया. इसी दिन 9.10 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले संयुक्त तहसील कार्यालय का भी भूमि पूजन हुआ.
भूमि पूजन के बाद जमीन की तलाश
पंवार का कहना है कि वर्तमान जनपद कार्यालय के पास 7 बीघा दो बिस्वा जमीन है, जिस पर तहसील और जनपद भवन पहले से मौजूद हैं. नए भवन के लिए 2 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, लेकिन तहसील कार्यालय के निर्माण के कारण वहां जगह नहीं बच रही है. अब अधिकारी जनपद भवन के लिए तहसील कार्यालय से 5 किलोमीटर दूर जमीन तलाश रहे हैं. पंवार ने सवाल उठाया कि जब जमीन ही उपलब्ध नहीं थी तो सीएम से भूमि पूजन क्यों करवाया गया.
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प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप
जनपद अध्यक्ष ने कहा कि बिना जमीन आवंटन के भूमि पूजन करवाना प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. उन्होंने यह भी बताया कि भूमि पूजन के शिलालेख पर एजेंसी का नाम नगर परिषद लिखा गया, जबकि यह जिम्मेदारी आरईएस की थी. इस गलती को भी उन्होंने गंभीर बताया.
सीएम तक पहुंची शिकायत
पंवार ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर, कमिश्नर और मुख्यमंत्री से की है. उन्होंने मांग की है कि जनपद कार्यालय का निर्माण शासकीय कार्यालयों के पास ही किया जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके. वहीं, मामले में एसडीएम नेहा साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी.
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