Jabalpur Overbridge Collapse: मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में नेशनल हाईवे-45 पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज का एक हिस्सा रविवार को अचानक गिर गया, जिससे हाईवे पर आवागमन प्रभावित हो गया. यह ओवरब्रिज शहपुरा क्षेत्र में स्थित है. घटना के बाद यातायात को शहपुरा शहर के अंदर से डायवर्ट किया गया, जिससे इलाके में लंबी वाहनों की कतारें लग गईं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिज का एक हिस्सा पहले से ही क्षतिग्रस्त था और उसी हिस्से से आवागमन किया जा रहा था. अब दूसरा हिस्सा भी गिर गया है. चार साल पहले बने इस ब्रिज की गुणवत्ता को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं.
निर्माण और रखरखाव
इस ओवरब्रिज का निर्माण और रखरखाव मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) की जिम्मेदारी में था. कुल 56 किलोमीटर सड़क और ब्रिज का निर्माण लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से हुआ था. निर्माण कार्य मेसर्स वागड़ इंफ्रा द्वारा किया गया और मेंटेनेंस का काम ठेकेदार के खर्च पर चल रहा था. बताया गया कि संबंधित ठेकेदार पहले भी ब्लैकलिस्ट किया जा चुका है.
प्रशासन और जांच
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था को सुचारू करने के निर्देश दिए. सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) की टीम दिल्ली से जबलपुर के लिए रवाना हो गई है. एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के रीजनल मैनेजर राकेश मोरे ने कहा कि तकनीकी जांच के बाद ही ब्रिज गिरने के कारण स्पष्ट होंगे.
गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल
इस घटना ने प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्न चिह्न खड़ा किया है. इससे पहले भोपाल में 90 डिग्री ब्रिज के निर्माण को लेकर भी आलोचना हो चुकी है. फिलहाल प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.