UGC New Rules Protest: डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में यूजीसी के नए नियमों को लेकर विरोध तेज होता जा रहा है. सवर्ण छात्र इसे 'काला कानून' बताया है. उनका कहना है कि यह नियम छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए समस्याएं खड़ी करेगा और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए. बढ़ते विरोध को देखते हुए यह मामला अब और गंभीर होता दिख रहा है.
यूजीसी के नियम के खिलाफ छात्र एकजुट
विरोध कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में नारेबाजी की और नए नियम को पूरी तरह से अव्यावहारिक बताया. उनका कहना है कि यह निर्देश न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता को कमजोर करता है और छात्रों की स्वतंत्रता पर सीधा असर डालता है. छात्रों ने कहा कि इस तरह के फैसले बिना व्यापक चर्चा के नहीं लिए जाने चाहिए.
ब्लैकमेलिंग और फर्जी शिकायतों का डर
छात्रों का आरोप है कि यूजीसी के इस नियम से फर्जी शिकायतें बढ़ने की आशंका है. उनका कहना है कि इससे शिक्षक-छात्र संबंधों में तनाव बढ़ेगा और कई लोग मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं. छात्रों ने इसे एक ऐसा कदम बताया है जो शिक्षा के माहौल को बिगाड़ देगा और अनावश्यक विवादों को जन्म देगा.
सरकार से नियम वापस लेने की मांग
छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि सरकार को इस नियम पर पुनर्विचार करना चाहिए. उनका सुझाव है कि सभी वर्गों के छात्रों से चर्चा कर ही कोई अंतिम फैसला लिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा.
विश्वविद्यालय प्रशासन अब तक मौन
गौरतलब है कि इस पूरे विवाद पर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. छात्रों का कहना है कि प्रशासन की चुप्पी भी उनके सवालों और आशंकाओं को बढ़ा रही है. वे चाहते हैं कि विश्वविद्यालय भी इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट स्थिति रखे.