Kargil Veteran Assault Case: भिंड जिले के मिहोना थाने में कारगिल युद्ध के रिटायर्ड सूबेदार राकेश सिंह के साथ कथित मारपीट के मामले ने जोर पकड़ लिया. घटना के विरोध में पूर्व सैनिकों ने करीब पांच घंटे धरना दिया. बढ़ते विवाद के बीच डीआईजी के निर्देश पर टीआई विजय केन को लाइन अटैच कर दिया गया, जबकि पुलिस प्रशासन ने विभागीय जांच का आश्वासन दिया है.
क्या है पूरा मामला?
रिटायर्ड सूबेदार राकेश सिंह अपनी जमीनी विवाद की शिकायत लेकर मिहोना थाने पहुंचे थे. इसी दौरान, आरोप है कि थाना प्रभारी विजय केन नशे में थे और उन्होंने सूबेदार के साथ अभद्रता की. राकेश सिंह का कहना है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए, गाली-गलौज की गई और वर्दी के बटन तक तोड़ दिए गए. थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों पर भी बदसलूकी के आरोप लगाए गए हैं.
थाने के बाहर पांच घंटे धरना
घटना की खबर फैलते ही चंबल संभाग के पूर्व सैनिक और सैनिक संगठन के सदस्य बड़ी संख्या में थाने के बाहर पहुंच गए. उन्होंने पहले राष्ट्रगान गाया, फिर हाथों में तिरंगा लेकर टीआई के खिलाफ नारेबाजी की. मांगों पर ठोस कार्रवाई की बात पर अड़े पूर्व सैनिक करीब पांच घंटे तक धरने पर बैठे रहे.
पूर्व सैनिक संगठनों की आपत्ति
पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि रिटायर्ड सूबेदार राकेश सिंह कारगिल योद्धा हैं और हाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से राष्ट्रीय पदक प्राप्त कर चुके हैं. ऐसे सम्मानित सैनिक के साथ थाने में इस तरह का व्यवहार शर्मनाक बताया गया. संगठनों ने इसे वर्दी और सैनिक सम्मान का अपमान कहा.
पूर्व सैनिकों के अनुसार, टीआई विजय केन शराब के नशे में थे. उन्होंने सूबेदार को गंदी गालियां दीं, हाथापाई की और वर्दी के बटन तोड़ दिए. साथ ही, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी असंवेदनशील रवैये के आरोप लगे. पूर्व सैनिकों ने टीआई का मेडिकल परीक्षण तत्काल कराने की मांग रखी, लेकिन आरोप है कि परीक्षण नहीं कराया गया.
मांगें और कार्रवाई की स्थिति
धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों ने टीआई विजय केन को तत्काल निलंबित करने, एफआईआर दर्ज करने और मेडिकल टेस्ट कराने की मांग की. बढ़ते दबाव को देखते हुए डीआईजी डॉ. असित यादव ने टीआई को लाइन अटैच कर दिया. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी.
प्रशासन का पक्ष और आगे की प्रक्रिया
मौके पर पहुंचे एसडीओपी रविन्द्र वास्कले ने कहा कि विभागीय जांच होगी और मारपीट के आरोपों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल, पुलिस प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है.