विज्ञापन
This Article is From Mar 30, 2025

हुर्रे! परैंट्स अब किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे बच्चों के यूनिफॉर्म्स और बुक्स, यहां रियायत दरों पर मिलेंगी पुस्तकें

NDTV से खास बातचीत मे जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नही चलेगी. उन्होंने कहा कि सभी को नियमों के दायरे में रहकर स्कूलों का संचालन करना होगा और अगर कोई गाइडलाइन से हटकर चला तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी.

हुर्रे! परैंट्स अब किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे बच्चों के यूनिफॉर्म्स और बुक्स, यहां रियायत दरों पर मिलेंगी पुस्तकें
Tikamgarh Collector Warned uniform seller

School Uniforms and Books:  सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों केे अभिभावकों को अक्सर बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म्स और बुक्स को खऱीदने के लिए एक निश्चित दुकान की मजबूरी को टीकमगढ़ जिला कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतीय को हटाने का ऐलान किया है. यानी अब अभिभावक कही से भी बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म्स और किताबें खरीद सकेंगे. 

NDTV से खास बातचीत मे जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी नही चलेगी. उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों को नियमों के दायरे में रहकर स्कूलों का संचालन करना होगा और अगर कोई गाइडलाइन से हटकर चला तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी.

अजब MP में गजब फर्जीवाड़ाः गांव में बकरियां चराता मिला ITBP का जवान, रिकॉर्ड में असम में है तैनात!

यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर अभिभावकों पर दवाब नहीं बनाएंगे स्कूल

टीकमगढ़ कलेक्टर ने विवेक श्रोतीय ने बातचीत में कहा कि, अब एक निश्चित दुकान से यूनिफॉर्म और किताबों को खरीदने को लेकर कोई स्कूल अभिभावकों पर दवाब नहीं बनाएगा, जो अब किसी भी दुकान से पुस्तकें ले सकते है. उनका बताया कि इसको लेकर स्कूल ऑनर्स ओर बुक विक्रेताओं की मीटिंग में बुलाकर सावधान किया गया है. 

जल्द जिले में होगा पुस्तक मेले का आयोजन, रियायती दर में मिलेंगे पुस्तकें

जिला कलेक्टर ने बताया कि जल्द ही शहर में एक पुस्तक मेले का आयोजन किया जाएगा, जहां सभी स्कूलों ओर सभी क्लासों के बच्चों को रियायत दरों पर पुस्तकें उपलब्ध होंगी. साथ ही, उन्होंने कहा कि इसकी गहराई से पड़ताल होगी कि आखिर छोटी क्लासों के बच्चों की किताबें महंगी क्यो होती हैं.

अब EWS बच्चों को भी मिलेगा नि:शुल्क शिक्षा का अधिकार, हाई कोर्ट ने सरकार को दिए निर्देश

नर्सरी से लेकर क्लास 10 तक के छात्रों के यूनिफॉर्म 400 से लेकर 600 रुपए में आती है. अगर कोई भी दुकानदार अभिभावकों से निर्धारित पैसे से ज्यादा पैसे वसूलता लेता है. तो अभिभावकों की शिकायत के बाद ऐसे दुकानदारों के खिलाफ सख्त एक्शन होगा. 

स्कूली बच्चों के बस्तों का बोझ को कम कम करने को लेकर दिया बयान 

बच्चो के बस्ते का बोझ कम हो सके और महंगी किताबें कम उनके कोर्स में शामिल हो, इसको लेकर जब जिला कलेक्टर से सवाल पूछा गया कि उन्होंने कहा कि बच्चों के परिजनों को समस्या पर जल्द विचार किया जाएगा. उन्होंने बताया कि स्कूलों को निर्देश दिए गए है कि वो हर साल स्कूल की फीस  बढ़ाए.

स्कूलों में NCERT किताबें लागू करवाने को लेकर कलेक्टर ने दिए संकेत

बाजार में बच्चों की यूनिफॉर्म काफ़ी सस्ती मिल रही है, लेकिन स्कूल संचालकों द्वारा अपनी चिन्हित दुकानों से काफ़ी महंगी यूनिफॉर्म दिलवाते है. कलेक्टर ने कहा कि ऐसे स्कूल संचालकों पर नकेल कसी जाएगी. वहीं, टीकमगढ़ जिले के सभी स्कूलों में एनसीईआरटी किताबें लागू करवाने के सवाल पर कलेक्टर सकारामत्मक संकेत दिए.

ये भी पढ़ें- India's Billionaires List: भारत में कितने अरबपति? आ गई लिस्ट, 98 लाख करोड़ रुपए है कुल संपत्ति

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com