
MP Latest News : रीवा शहर (Rewa) में साल के 12 महीने पानी रहता है. मुंबई से बनारस के बीच में नदी में आपको इतना पानी कहीं नहीं मिलेगा. लेकिन फिर भी अब इसी शहर को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. बात यहीं पर खत्म नहीं होती, गर्मी के चलते जंगलों का पानी कम हो रहा है जिससे शिकार और पानी के लिए जंगली जानवर गांवों की तरफ भाग रहे हैं. इसी कड़ी में एक मादा तेंदुआ ने अपनी भूख मिटाने के लिए रीवा में बछड़ों का शिकार किया. मादा तेंदुआ ने जंगल से निकल गांव में घुसकर तीन पशुओं को अपना निवाला बनाया. जिसके बाद वन विभाग ने जंगल से लगे गांवों को अलर्ट भी किया है. जंगली जानवर के आंतक से लोग भी रतजगा करने को मजबूर हैं और अपनी चैन की नींद छोड़कर अपने जान-माल की हिफाज़त में लगे हैं.
जंगली जानवरों का आतंक नहीं देता सोने
दरअसल, रीवा वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरमौर के ग्राम पंचायत इटमा गांव के दिन इन दिनों ठीक नहीं चल रहे हैं. उसकी वजह है एक तेंदुआ ने अपने दो बच्चों के साथ गांव के आसपास डेरा डाल दिया है....और लगातार ये मादा तेंदुआ अपना पेट भरने के लिए गांव वालों के पालतू जानवर को शिकार बना रही है. इसके बाद वन विभाग ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हे जंगली जानवर से सुरक्षित रहने की हिदायत दे डाली है. इसकी वजह है सिरमौर परिक्षेत्र में एक मादा तेंदुआ सहित उसके दो बच्चो के लगातार गांव के आसपास देखा जा रहा है. यही मादा तेंदुआ अपना व अपने बच्चो का पेट भरने रात के अंधेरे में जंगल से बाहर निकल गांव पहुंच रहीं है... और घरों के बाहर बंधे गायों व उनके बच्चों को अपना शिकार बना रही है.
वन विभाग ने गांव में जारी किया अलर्ट
मादा तेंदुआ ने अपने बच्चों का पेट भरने के लिए अब तक तीन पालतू जानवरों को शिकार बनाया है. जिसके बाद जंगल के करीब गांवों में दहशत का माहौल है. वन विभाग को तेंदुआ की जानकारी होने के बाद उन्होंने ग्रामीणों को सचेत किया हैकि रात में जानवरो को बाहर न बांधे और न ही रात में अकेले खेत की तरफ ना जाएं. इसके साथ ही वन विभाग की टीम रात्रि गस्त कर रही है और जल्द ही जाल बिछा कर तेंदुआ को पकड़ने की योजना भी बना रखी है. फिलहाल, अभी तक कोई जनहानि नहीं हुई है. वन विभाग की टीम लागातार सर्चिंग में लगी हुई है. लेकिन गांव के लोग इस समय अपने जानवरों को कहां पर बाधेंय़ उनके सामने यह एक बड़ा सवाल है.
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