Advocate murder MP: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में वकील संजय सक्सेना हत्याकांड में पुलिस ने रविवार देर शाम बड़ा खुलासा कर दिया. एडवोकेट का मर्डर सरपंच ने करवाया है. पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच सुनील शर्मा ने 10 लाख रुपए की सुपारी देकर तीन शार्प शूटर हायर किए थे और पूरी प्लानिंग के साथ सरेआम हत्या करवाई. शनिवार दोपहर कोर्ट के लिए यूनिफॉर्म पहनकर घर से निकले वकील संजय सक्सेना को बीच रास्ते रोककर गोली मार दी गई. दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी.
हत्या की वजह: जमीन विवाद, चुनावी चुनौती और पुरानी रंजिश
जांच में सामने आया है कि हत्या की जड़ में जमीन विवाद से जुड़ा एक मुकदमा था, जिसमें वकील संजय सक्सेना ने जीत हासिल की थी. इसके अलावा वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में उन्होंने सुनील शर्मा को सीधे चुनौती देते हुए चुनाव लड़ा था. पुलिस का मानना है कि इसी पुरानी रंजिश ने हत्या की साजिश को जन्म दिया.
परिवार के सदस्यों ने भी शुरुआती बयान में गांव के रहने वाले सुनील शर्मा और उनके परिजनों पर रंजिश रखने और हत्या करवाने का आरोप लगाया था. पुलिस ने इस इनपुट को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की. रुपए के लेनदेन और साजिश की पूरी कड़ी को जोड़ने के लिए पुलिस पूरे नेटवर्क और संपर्कों को खंगाल रही है.

18 घंटे में आरोपियों तक पहुंची पुलिस, चीरना में मुठभेड़
वारदात के तुरंत बाद एसपी शिवपुरी के निर्देश पर अलग-अलग टीमें गठित की गईं. संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई. टेक्निकल सर्विलांस, कॉल डिटेल और लोकल इनपुट के आधार पर संदिग्धों की लोकेशन ट्रेस की गई.
इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि शार्प शूटर चीरना क्षेत्र में छिपे हुए हैं. रविवार सुबह पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की. घिरते देख आरोपियों ने सरेंडर करने की बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने एक आरोपी के दोनों पैरों में गोली मारकर उसे घायल कर दिया.
इसके बाद सभी आरोपियों को काबू में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ में खुलासा हुआ कि 10 लाख रुपए की सुपारी तय हुई थी. साजिशकर्ताओं ने 2 लाख रुपए एडवांस दिए थे, जबकि बाकी रकम काम होने के बाद देने की बात कही गई थी.

पुलिस के मुताबिक इन लोगों ने रची हत्या की साजिश
पुलिस ने वकील संजय सक्सेना की हत्या के मामले में शिक्षक कमलेश शर्मा, उनके चाचा पूर्व सरपंच सुनील शर्मा, नीरज शर्मा और आशीष परिहार के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया है.
घटना में इस्तेमाल कट्टा और बाइक जब्त कर ली गई है. पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि साजिश में और कौन-कौन शामिल था. शुरुआती जांच से पुलिस को आशंका है कि इस हत्याकांड के पीछे एक से अधिक लोगों की भूमिका हो सकती है.
हत्या के बाद प्रदेशभर में आक्रोश, बार काउंसिल की चेतावनी
दिनदहाड़े एक वकील की हत्या के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है. मध्य प्रदेश बार काउंसिल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सांकेतिक हड़ताल का ऐलान किया है. बार काउंसिल ने आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है और यह भी कहा है कि आरोपियों का मुकदमा वकील नहीं लड़ेंगे. इस फैसले के बाद न्यायिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है.
पुलिस की सख्त घेराबंदी से फरार नहीं हो सके शार्प शूटर
शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि वारदात के तुरंत बाद पूरे इलाके में नाकेबंदी कर दी गई थी. शहर और आसपास के रास्तों पर पुलिस का कड़ा पहरा बैठा दिया गया. यही वजह रही कि शार्प शूटर हत्या को अंजाम देने के बाद भागने की कोशिश तो कर सके, लेकिन इलाके से बाहर नहीं निकल पाए. पुलिस की त्वरित कार्रवाई और लगातार दबिश के चलते 18 घंटे के भीतर पूरा हत्याकांड उजागर हो गया. पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों को स्थानीय स्तर पर किसने शरण दी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया था.
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आरोपी सुनील शर्मा है सरपंच
पुलिस ने बताया कि सुनील शर्मा एक पंचायत का सरपंच है. सरपंची चुनाव को लेकर आमने-सामने की चुनावी रंजिश के साथ जमीनी मुकदमा अदालत में जीतने को लेकर वकील संजय सक्सेना की हत्या करने के लिए अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ मिलकर सुपारी देकर मर्डर करवाया है.