विज्ञापन
Story ProgressBack

सीहोर में हिंसक जानवरों से दहशत ! अब वन विभाग बताएगा बचाव के तरीके

Sehore Wildlife : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) जिले में जंगलों का क्षेत्रफल लगातार सिमट रहा है. यहां जंगल की जमीन को हथियाने के लिए लोगों का प्रयास रहता ही है. अब लोग जंगलों के मुहाने तक भी पहुंच रहे हैं.

Read Time: 3 mins
सीहोर में हिंसक जानवरों से दहशत ! अब वन विभाग बताएगा बचाव के तरीके
सिवनी में हिंसक जानवरों से दहशत ! बचाव के लिए वन विभाग ने अपनाया ये तरीका

Sehore Wildlife : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) जिले में जंगलों का क्षेत्रफल लगातार सिमट रहा है. यहां जंगल की जमीन को हथियाने के लिए लोगों का प्रयास रहता ही है. अब लोग जंगलों के मुहाने तक भी पहुंच रहे हैं. यही वजह है कि हिंसक पशु और जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों पर हिंसक जानवरों के हमले भी बढ़े हैं. अब बाघ और तेंदुए गांवों तक पहुंचने लगे हैं. जो कभी लोगों को घायल कर रहे हैं... तो कभी पालतू पशुओं और मवेशियों को भी शिकार बना रहे हैं.

बढ़ रहा बाघ और तेंदुए का कुनबा

गौरतलब है कि वन क्षेत्रों में बाघ और तेंदुए की संख्या में इजाफा हो रहा है. बाघों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. तो वहीं, तेंदुओं की संख्या 350 के आसपास पहुंच गई है. हिंसक पशुओं का कुनबा भी लगातार बढ़ रहा है. जंगलों के आसपास करीब 50 वन ग्राम हैं जहां बढ़ी आबादी निवास करती है... तो वहीं खेतों पर बने मकानों पर कई किसान परिवार रहने लगे है.

पांच साल में 4 की मौत, 115 घायल

बढ़ते हिंसक जानवरों के कुनबे के कारण से वन विभाग की चुनौतियां भी बढ़ गई है. वन विभाग के आंकड़ों की बात करें तो बीते पांच सालों में जिले में हिंसक पशु, टाईगर और तेंदुओं के हमलों में 4 लोगों की जान गई है, वहीं 115 लोग घायल हुए हैं. इसमें 2019-20 में घायलों की संख्या 15, साल 2020-21 में 48 घायल, जबकि साल 2021-22 में 8 लोगों को घायल किया है.

मृतकों और घायलों की दी गई राशि

वहीं, 2022-23 में 23 लोगों को घायल तो वहीं, हिंसक जानवरों ने इस साल 2023-24 में  अभी तक 21 लोगों को घायल किया है. वहीं, मृतकों परिजनों को क्षतिपूर्ति राशि 16 लाख रूपए बांटी गई. वहीं, घायलों को करीब 10 लाख राशि प्रदान की गई है जबकि इन पांच सालों में 800 पशु हानि के मामले सामने आए हैं. इसमें पशुपालकों को कुल 80 लाख रूपए की राशि दी गई है.

ये भी पढ़ें :

बचा लो पेड़ नहीं तो नहीं बचेगा 'कुछ' , पढ़िए MP के पृथ्वी सेना की कहानी

सुनिए जिम्मेदारों का जवाब

इस संबंध वन विभाग के DFO एमएस डाबर ने बताया कि  जिले के 7 वन परिक्षेत्रों में 15 कैमरे लगे हुए हैं. गांव के लोगों को शामिल कर सुरक्षा समिति बनाई गई है. वन कर्मी और सुरक्षा समिति के सदस्य गश्ती करते है और कैमरे पर हिंसक पशुओं का मूवमेंट से लोगों जानकारी दी जाती है.

ये भी पढ़ें :

विश्व पर्यावरण दिवस पर कलेक्टर ने रोपे पौधे, पेड़ बचाओ का दिया नारा

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
NDTV Madhya Pradesh Chhattisgarh
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
MPEB का स्मार्ट ऐसा दौड़ा कि उपभोक्ता को बिजली बिल भरने के लिए गिरवी रखनी पड़ी गैस की टंकी, देखिए NDTV Report
सीहोर में हिंसक जानवरों से दहशत ! अब वन विभाग बताएगा बचाव के तरीके
The railway administration has decided to reopen the Unchehara railway gate between Satna-Maihar Local people got relief
Next Article
Satna News: फाटक का नाटक खत्म! रेलवे को वापस लेना पड़ा फैसला, स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली
Close
;