
RTO Constable Saurabh Sharma Case: सौरभ शर्मा केस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. यह खुलासा सौरभ, प्यारे लाल, विनय की कॉल डिटेल से हुई है. दरअसल, ED की चार्जशीट में 52 किलो सोने, 11 करोड़ कैश का पर्दाफाश किया गया है. ED की चार्जशीट के अनुसार, सोने और नगदी से भरी कार को सौरभ के ड्राइवर प्यारेलाल केवट ने छुपाया था.
छापेमारी के दौरान सौरभ शर्मा ने ड्राइवर को किया था फोन
लोकायुक्त की छापे की कार्रवाई के दौरान सौरभ शर्मा ने ड्राइवर प्यारेलाल केवट को फोन किया था और फोन पर उसके मौसेरे जीजा बने विनय हासवानी से संपर्क करने की बात कही थी. इसके बाद विनय और ड्राइवर ने कार को मेंडोरी स्थिति खाली प्लॉट में खड़ी की थी. खाली प्लॉट विनय और उसके रिश्तेदार किशन अरोरा का पार्टनरशिप में है.
सौरभ शर्मा का ड्राइवर फरार
बता दें कि 11 अप्रैल को सौरभ शर्मा और चेतन शरद की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है. वहीं प्यारेलाल की गिरफ्तारी को लेकर ईडी आरोपियों की जमानत का विरोध करेगी. हालांकि सौरभ शर्मा का ड्राइवर प्यारेलाल अब भी फरार है.
52 किलो सोना और 245 किलो चांदी जब्त
बता दें कि लोकायुक्त पुलिस ने 17 दिसंबर को आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के दो ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से 4 करोड़ रुपये कैश, 245 किलो चांदी, सोने और हीरे के जेवरात, कई प्रॉपर्टी के दस्तावेज और नोट गिनने वाली 7 मशीनें मिली थी. इसके बाद आयकर विभाग को भोपाल के जंगल से एक कार में 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी मिले थे, ये कार चेतन सिंह के नाम पर था. इसके बाद ईडी, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने पूर्व कॉन्स्टेबल के भोपाल, ग्वालियर और पुणे स्थित ठिकानों पर छापे मारे. कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसियों को 93 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली थी.
लोकायुक्त पुलिस ने किया था सौरभ शर्मा को गिरफ्तार
लोकायुक्त पुलिस ने 28 जनवरी को सौरभ शर्मा को गिरफ्तार था. इसके बाद चेतन सिंह और शरद जायसवाल को गिरफ्तार किया था.