Bhind Sand Mafia: भिंड जिले (Bhind) के अमायन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बरेठी खुर्द रेत खदान (Sand Mine) में अवैध उत्खनन (Illegal Mining) लगातार जारी है. ग्रामीणों और किसानों का कहना है कि रेत माफिया हथियारों के दम पर किसानों की खेत की जमीन और मरघट की भूमि से खुलेआम रेत निकाल रहा है. विरोध करने पर उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है. एक महिला किसान ने आरोप लगाया कि जब उसने रेत चोरी का विरोध किया, तो माफियाओं ने उसे जान से मारने की धमकी तक दे दी. दहशत का आलम यह है कि कई किसान कैमरे पर आने से भी डर रहे हैं.

Sand Mafia Bhind: भिंड में अवैध रेत खनन
रात में पुलिस सायरन बजाकर दहशत फैलाने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय कुछ लोग किसानों के घरों के बाहर गाड़ियों में पुलिस सायरन बजाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे शिकायत न करें. यह घटना सीसीटीवी में भी कैद हुई है. किसान कहते हैं कि लगातार भय का माहौल बनाकर उन्हें चुप कराने की कोशिश हो रही है, जबकि अवैध खनन रुका नहीं है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
अवैध उत्खनन के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें ट्रैक्टरों से रेत ढोते हुए साफ देखा जा सकता है. इसके बावजूद खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है. ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सबूतों के रूप में उपलब्ध हैं, फिर भी विभाग उदासीन दिखाई दे रहा है.
पूर्व सरपंच पर गंभीर आरोप; मंत्री के करीबी होने की चर्चा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे अवैध रेत कारोबार में पूर्व सरपंच कोक सिंह लहारा की संदिग्ध भूमिका है, जिन्हें ग्रामीण मंत्री राकेश शुक्ला का करीबी बताते हैं. किसानों का कहना है कि कोक सिंह पर पहले भी अवैध रेत उत्खनन कराने के आरोप लगे हैं और इस बार भी वही सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहे हैं. ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो.

Sand Mafia Bhind: अवैध रेत खनन में लगे ट्रैक्टर-ट्रॉली
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत के बाद भी उत्खनन जारी
किसानों ने बताया कि उन्होंने इस अवैध गतिविधि की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर की थी, लेकिन शिकायत दर्ज होने के बाद भी रेत परिवहन और उत्खनन नहीं रुका. ग्रामीणों को अब लग रहा है कि प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, क्योंकि शिकायत के बावजूद मौके पर स्थिति बदली नहीं.
खनिज निरीक्षक पर दबाव बनाने और गलत रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब खनिज विभाग के कर्मचारी गणेश विश्वकर्मा पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाए. ग्रामीणों का कहना है कि गणेश विश्वकर्मा, भिंड कलेक्टर के नाम का उपयोग कर, किसानों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. बताया जा रहा है कि शिकायत वापस लेने के लिए किसानों को धमकाने से जुड़ा एक ऑडियो भी वायरल हुआ है, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया है.
किसानों का कहना है कि यह रिपोर्ट पूरी तरह गलत है और वास्तविक स्थिति से बिल्कुल मेल नहीं खाती.
ग्रामीणों की हैं ये मांगें
लगातार बढ़ते आरोपों के बीच ग्रामीणों में खनिज विभाग के अफसरों के प्रति आक्रोश तेज है. कई किसानों ने विभाग पर रेत माफियाओं से मिलीभगत होने का आरोप लगाया है. ग्रामीणों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा दोषियों, चाहे अधिकारी हों या स्थानीय प्रभावशाली व्यक्ति, सभी पर सख्त कार्रवाई की जाए. इस समय पूरा मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. वायरल वीडियो और ऑडियो सामने आने के बाद प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कार्रवाई अभी भी सवालों के घेरे में है.
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