Public Place Objectionable Activity: एमपी के सागर शहर का नाम जब भी लिया जाता है, तो शांति और संस्कार की पहचान सामने आती है. लेकिन इन दिनों शहर का अटल पार्क गलत वजहों से सुर्खियों में है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने न सिर्फ पार्क की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सार्वजनिक स्थलों की गरिमा और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है. वीडियो में कुछ युवक‑युवतियां खुलेआम ऐसी गतिविधियां करते नजर आ रहे हैं, जो किसी भी सार्वजनिक स्थान के लिए अनुचित मानी जाती हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
हाल ही में अटल पार्क से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ लोग सार्वजनिक मर्यादाओं को नजरअंदाज कर रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर भर में चर्चा शुरू हो गई है और लोग पार्क की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं.
अटल पार्क का उद्देश्य और हकीकत
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बना यह पार्क शहर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल है. करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया यह पार्क लोगों को सैर, योग और परिवार के साथ समय बिताने के लिए बनाया गया था. इसका मकसद एक स्वस्थ और शांत वातावरण देना था, लेकिन मौजूदा हालात उस उद्देश्य से बिल्कुल उलट नजर आ रहे हैं.
स्थानीय नागरिकों की बढ़ती नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि महज पांच रुपये का टिकट लेकर कई युवक‑युवतियां घंटों पार्क में रहते हैं और खुलेआम अनुचित व्यवहार करते हैं. इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है. कई परिवारों ने अब इस पार्क में जाना कम कर दिया है.
पार्क की व्यवस्था पर उठे सवाल
नागरिकों का आरोप है कि पार्क में न तो पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात हैं और न ही नियमित निगरानी की व्यवस्था है. इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं. लोगों का मानना है कि अगर समय पर सख्ती होती, तो यह स्थिति पैदा ही नहीं होती.
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
वीडियो वायरल होने के बाद शहर में नाराजगी का माहौल है. नागरिकों ने नगर निगम, पार्क प्रबंधन और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पार्क में सुरक्षा बढ़ाई जाए, नियमित पेट्रोलिंग हो और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए.
शहर की छवि पर असर की आशंका
लोगों का कहना है कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इससे न सिर्फ सागर शहर की छवि खराब होगी, बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेता के नाम से जुड़े इस पार्क की गरिमा भी प्रभावित होगी. अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं.