
Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों के सुगम आवागमन और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश की शत-प्रतिशत बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई करें. सभी जिलों में सड़कों की आवश्यकता का वैज्ञानिक आधार पर सर्वे सुनिश्चित कर कार्य-योजना बनाई जाए. सड़कों की आवश्यकता के संबंध में विधायकों और पंचायत प्रतिनिधियों का अभिमत अवश्य लिया जाए. राज्य सरकार अगले तीन वर्ष में सभी बसाहटों को सड़कों से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.
जन-जन की सुविधाओं का विस्तार
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 2, 2025
मध्यप्रदेश में विकास लगातार
"मध्यप्रदेश सुगम परिवहन सेवा"
💠 हर यात्री के लिए सरल व सुगम परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है प्रदेश सरकार@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/2df9LS4Bqo
टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ तथा अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और उनके सुधार की आवश्यकता के प्रति सतर्क रहते हुए तत्परतापूर्वक कार्यवाही की जाए. सड़कों के रख-रखाव और नियमित निरीक्षण में मोबाइल एप, जियो टैगिंग तथा एआई टेक्नॉलोजी का उपयोग कर इसे अधिक प्रभावी बनाया जाए. सड़कों पर वर्तमान यातायात का सर्वे कर उन्नयन और लेन विस्तारीकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए.
मध्य प्रदेश की 89 हजार बसाहटों में से 50 हजार 658 बसाहटों तक रोड़ कनेक्टिविटी सुनिश्चित कर ली गई है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत बनने वाली 11 हजार 544 बसाहटों के लिए सर्वे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है. शेष 26 हजार 798 बसाहटों की कनेक्टिविटी के लिए राज्य सरकार द्वारा पहल की जा रही है. बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की समीक्षा की गई. बैठक में बताया गया कि सामान्य संधारण कार्यों का प्राक्कलन तैयार करने और तकनीकी प्रशासकीय स्वीकृति आदि की ऑनलाइन व्यवस्था सम्वेग पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है.
केंद्र से मिली ये सौगात
मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किमी लंबाई के एक्सेस कंट्रोल्ड 4-लेन बाईपास के निर्माण के लिए 1347.6 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है. यह परियोजना मुरैना और ग्वालियर जिले तथा मार्ग में स्थित अन्य महत्वपूर्ण ब्लॉकों और तहसील मुख्यालयों को जोड़ेगी. यह सड़क खंड धमनी के रूप में कार्य करता है तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-46 और राष्ट्रीय-44 और आगामी आगरा-ग्वालियर एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. इस खंड के विकास से लंबे मार्ग के यातायात और माल ढुलाई की समग्र दक्षता में सुधार होगा, जिससे यातायात का सुचारू और सुरक्षित प्रवाह सुनिश्चित होगा, यात्रा समय में पर्याप्त कमी आएगी.
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