
MP News Today : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) से घूसखोरी का हैरान करनेवाला मामला सामने आया है. लोकायुक्त पुलिस (Lokayukta Police) ने इंदौर के जिलाधिकारी कार्यालय परिसर (District Magistrate Office Complex) में सोमवार को कार्रवाई करते हुए एक महिला लिपिक को 50,000 रुपये की कथित घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. इस मामले की जानकारी देते हुए Deputy Superintendent of Police (DSP) प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि जनजातीय कार्य विभाग की लिपिक उमा मर्सकोले को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में विक्रम सिंह गहलोत से कथित घूस के रूप में 50,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
बकाया पैसा निकलवाने के नाम पर घूस
मिली जानकारी के मुताबिक, फरियादी का नाम विक्रम सिंह गहलोत है. गहलोत ने बताया कि उसने इंदौर में अपना एक हॉस्टल जनजातीय कार्य विभाग को साल 2015 से 2023 तक किराए पर दिया था. लेकिन गहलोत किराये के लगभग 11 लाख रुपये के बकाया की वसूली के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे थे. साथ ही जनजातीय कार्य विभाग के मर्सकोले और जनजातीय कार्य विभाग के क्षेत्रीय संयोजक विजय कुमार जायसवाल (Regional Coordinator Vijay Kumar Jaiswal) बकाया भुगतान के लिए गहलोत से घूस मांग रहे थे. इसके बाद गहलोत ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में मामले की शिकायत की.
पुलिस ने दोनों पर दर्ज किया मामला
शिकायत के बाद आज सोमवार को फरियादी जब विजय जयसवाल से मिलने पहुंचा तो पता चला कि आरोपी दफ्तर में नहीं हैं... वो अपने पैसे कार्यालय में मौजूद सहायक ग्रेड 2 उमा मर्सकोले को दे दे. इस दौरान फरियादी गहलोत की तरफ से उमामर्सकोले को दी जा रही ₹50,000 रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ ट्रैप किया गया. आरोपी महिला ने पैसे लेकर उसे अपनी सरकारी तिजोरी में भी रख ली थी. मामले सामने आने के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. डीएसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. उन्होंने बताया कि आरोपियों को दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) के तहत नोटिस दिया गया है कि वे लोकायुक्त पुलिस की जांच में सहयोग करें और आरोप पत्र पेश किए जाने के वक्त अदालत में मौजूद रहें.
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